प्रतापगढ़: 57 घंटे बाद हुआ कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ का अंतिम संस्कार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पर लगा हत्या का आरोप
उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में आपूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा की हत्या के 57 घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में आपूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा की हत्या के 57 घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। रविवार सुबह करीब 10 बजे भाजपा नेता बिंदेश्वरी तिवारी और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ।
प्रशासन ने शव को श्रृंगवेरपुर घाट के लिए रवाना कर दिया। इससे पहले रविवार सुबह करीब 8 बजे विश्वनाथगंज विधायक जीतलाल पटेल भी सौरभ के घर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। शनिवार शाम आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से बात की थी।
गौरतलब है कि बाइक से घर लौट रहे सौरभ को घेरकर पीटा गया था। लीलापुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर सिंधौर गांव निवासी 30 वर्षीय सौरभ विश्वकर्मा लालगंज के पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर थे।
परिजनों के मुताबिक, गुरुवार रात वह बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान लक्ष्मणपुर के पास कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। हमले में सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में आक्रोश फैल गया और परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था।
मृतक के पिता मोतीलाल विश्वकर्मा की तहरीर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय उर्फ बड़े तिवारी, उनके बेटे सौरभ तिवारी, दरोगा तिवारी, सोनू, अनुज और अशोक तिवारी समेत छह अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार, सरकारी राशन की दुकान भी सील पुलिस ने मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शुक्रवार सुबह मुख्य आरोपी अवधेश तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद शनिवार सुबह पुलिस ने सौरभ तिवारी और घटना में कथित रूप से शामिल मिंटू उपाध्याय को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, घटना में शामिल आरोपियों से संबंधित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की।
जांच में अनियमितता और खाद्यान्न कम मिलने के बाद एसडीएम लालगंज वाचस्पति सिंह ने डांडी ग्राम सभा की कोटे की दुकान को निलंबित कर सील कर दिया। जिला पूर्ति विभाग ने भी आरोपी से संबंधित कोटे को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान सीओ लालगंज राजीव द्विवेदी मौजूद रहे।
6 मांगों को लेकर 57 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं किया सौरभ के परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में मामले में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई और उनके सरकारी सस्ते गल्ले के लाइसेंस रद्द करना शामिल था।
इसके अलावा परिजनों ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक शस्त्र लाइसेंस देने की मांग भी रखी थी। रविवार सुबह भाजपा नेता और पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में शव को श्रृंगवेरपुर घाट के लिए रवाना किया गया।







