हरदोई की इस PT बटालियन के मूव्स देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे, राज्यपाल भी कर चुकी हैं सलाम

कहते हैं कि हौसले अगर फौलादी हों, तो सीमित संसाधन भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। उप्र के हरदोई जनपद के एक छोटे से गांव के सरकारी स्कूल के बच्चों ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है।

हरदोई की इस PT बटालियन के मूव्स देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे, राज्यपाल भी कर चुकी हैं सलाम
Published By- Diwaker Mishra

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट

हरदोई/जनमत न्यूज़। कहते हैं कि हौसले अगर फौलादी हों, तो सीमित संसाधन भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकते। उप्र के हरदोई जनपद के एक छोटे से गांव के सरकारी स्कूल के बच्चों ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है।

अपनी कदमताल, बेमिसाल अनुशासन और फौलादी जज्बे के दम पर इन नौनिहालों ने न सिर्फ देश में, बल्कि सात समंदर पार विदेशों में भी भारत की प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है।

कदमों में ऐसी एकरूपता जैसे कोई पेशेवर मिलिट्री बैंड मार्च कर रहा हो,चेहरों पर ऐसा फौलादी आत्मविश्वास जो बड़े से बड़े सेलिब्रिटी को पीछे छोड़ दे। अनुशासन का यह वो विहंगम नजारा है, जिसने आज हर किसी को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है।

ये तस्वीरें किसी हाई-टेक मिलिट्री एकेडमी की नहीं हैं। यह नजारा है हरदोई के सांडी इलाके के प्राथमिक विद्यालय सनफरा का।

जहाँ ग्रामीण परिवेश के इन नौनिहालों ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत के दम पर सफलता की एक ऐसी इबारत लिख दी है, जिसकी गूंज आज सरहदों को पार कर विदेशों तक सुनाई दे रही है लेकिन, इस चमत्कार के पीछे सालों की वो तपस्या है, जिसे एक शिक्षक ने जिया है नाम है रमेश कुमार।

वो शिक्षक, जिन्होंने बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान की चहारदीवारी में कैद नहीं रखा, बल्कि उनके भीतर छिपे हुनर को तराशकर एक ऐसी पीटी बटालियन तैयार कर दी, जो आज मिसाल बन चुकी है।

शिक्षक रमेश कुमार के जादुई मार्गदर्शन और विजन ने इन ग्रामीण बच्चों के जीवन को एक नई और सुनहरी दिशा दे दी है।यह कामयाबी कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि कड़े परिश्रम का नतीजा है।

साल 2018 से यह पीटी बटालियन जिला स्तर पर लगातार अजेय विजेता बनी हुई है। इतना ही नहीं, इन बच्चों ने तीन बार राज्य स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल किया है, तो वहीं पांच बार मंडल स्तर पर शानदार जीत का परचम लहराया है।

मंडल से लेकर राज्य स्तर तक की अनगिनत ट्रॉफियों और पदकों पर आज सिर्फ और सिर्फ इन बच्चों का कब्जा है।इन बच्चों के मूव्स, इनकी टाइमिंग और इनके फौलादी हौसले को देखकर खुद सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी दंग रह गईं और उन्होंने इन नौनिहालों को राजभवन में सम्मानित कर इनके जज्बे को सलाम किया।

वाकई, सनफरा प्राथमिक विद्यालय के इन बच्चों और शिक्षक रमेश कुमार ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो हर बाधा छोटी पड़ जाती है। आज इन बच्चों की टाइमिंग और अनुशासन की तारीफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है, जो पूरे देश के लिए एक गर्व का क्षण है।