रेलवे ट्रैक के पास आग जलाने से बचें, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: डीआरएम

रेलवे ट्रैक, यार्ड और पटरियों के आसपास सूखी घास, पराली, कूड़ा या झाड़ियों में आग लगाने से पूरी तरह परहेज करें। साथ ही ट्रैक के पास स्थित बस्तियों में स्टोव, अंगीठी, चूल्हा या गैस सिलेंडर का उपयोग भी अत्यंत सावधानी से करें।

रेलवे ट्रैक के पास आग जलाने से बचें, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: डीआरएम
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

लखनऊ/जनमत न्यूज। यात्री सुरक्षा और सुरक्षित रेल संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल प्रशासन ने आम जनता से रेलवे ट्रैक के आसपास आग न जलाने की अपील की है। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

जारी अपील में कहा गया है कि रेलवे ट्रैक, यार्ड और पटरियों के आसपास सूखी घास, पराली, कूड़ा या झाड़ियों में आग लगाने से पूरी तरह परहेज करें। साथ ही ट्रैक के पास स्थित बस्तियों में स्टोव, अंगीठी, चूल्हा या गैस सिलेंडर का उपयोग भी अत्यंत सावधानी से करें। रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रैक के आसपास पटाखों, विस्फोटक या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न किया जाए।

रेलवे के अनुसार, पटरियों के पास आग जलाने से रेलवे की महत्वपूर्ण संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इससे ट्रैक की संरचना, सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य तकनीकी उपकरण प्रभावित हो सकते हैं, जिससे रेल संचालन बाधित होने के साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है। ऐसी लापरवाही से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और ट्रेनों के आवागमन में अनावश्यक विलंब हो सकता है।

रेलवे प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी रेलवे ट्रैक या परिसर के पास आग लगने की सूचना मिले तो तत्काल निकटतम स्टेशन, आरपीएफ/जीआरपी थाना या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर जानकारी दें।

साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति रेलवे ट्रैक या रेलवे संपत्ति के आसपास आग जलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पांच वर्ष तक की सजा या जुर्माना हो सकता है।

रेलवे प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि सभी लोग रेलवे परिसरों में स्वच्छता बनाए रखें और सुरक्षित, सुचारु एवं समयबद्ध रेल संचालन में अपना योगदान दें।