मुजफ्फरनगर में 2 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; 1.24 करोड़ रुपये वापस

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने BOSS SCAM के जरिए एक व्यापारी से करीब 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

मुजफ्फरनगर में 2 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; 1.24 करोड़ रुपये वापस
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट  

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने BOSS SCAM के जरिए एक व्यापारी से करीब 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, ठगी गई रकम में से अब तक करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए जा चुके हैं। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध सुभाषचंद तथा साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।

ZIP फाइल खोलते ही कंप्यूटर में इंस्टॉल हुआ मैलवेयर

पुलिस के मुताबिक, FUTURE MOBILE LLP के अकाउंटेंट को कंपनी के एक कर्मचारी की ओर से ZIP फाइल प्राप्त हुई थी। अकाउंटेंट ने इस फाइल को कंपनी के कंप्यूटर पर खोल लिया, जिसके बाद सिस्टम में मैलवेयर इंस्टॉल हो गया। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने इसके जरिए कंप्यूटर पर चल रहे WhatsApp अकाउंट पर नियंत्रण हासिल कर लिया।

इसके बाद आरोपियों ने WhatsApp पर कंपनी मालिक के नाम और पहचान का इस्तेमाल करते हुए अकाउंटेंट से संपर्क किया। खुद को कंपनी का मालिक बताकर उसे विश्वास में लिया गया और अलग-अलग बताए गए बैंक खातों में करीब 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

साइबर अपराध की इस पद्धति को BOSS SCAM कहा जाता है। इसमें अपराधी किसी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी या मालिक की पहचान अपनाकर कर्मचारी को भुगतान करने के लिए गुमराह करते हैं।

लखनऊ का आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अनस उर्फ अयान गाजी पुत्र मोहम्मद वाहिद अली को गिरफ्तार किया है। आरोपी का पता आदिलनगर, कल्याणपुर, विकासनगर, थाना गुडंबा, लखनऊ पूर्वी कमिश्नरेट बताया गया है। उसका मूल निवास जुत्ती गुलालपुर, थाना इटौंजा, जनपद लखनऊ बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, मामले में कंपनी मालिक की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रेस नोट में दर्ज अभियोग संख्या और धाराओं में अलग-अलग विवरण दिए गए हैं, जिनका आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलान किया जाना आवश्यक है।

तीन बैंक खातों से जुड़ीं चार शिकायतें

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के तीन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया गया था। इन खातों से संबंधित कुल 6 लाख 48 हजार रुपये की चार शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें दो शिकायतें कर्नाटक, एक दिल्ली और एक मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश से संबंधित बताई गई हैं।

1.24 करोड़ रुपये पीड़ित को वापस

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान अब तक करीब 1 करोड़ 24 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए जा चुके हैं। शेष धनराशि के संबंध में आगे की कार्रवाई और जांच की स्थिति का विवरण पुलिस के प्रेस नोट में नहीं दिया गया है।

साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी

यह मामला बताता है कि संदिग्ध ZIP फाइल खोलना और WhatsApp अकाउंट की सुरक्षा में लापरवाही करना कितना नुकसानदायक हो सकता है। कंपनियों और व्यापारियों को अनजान फाइलें खोलने से बचना चाहिए। किसी वरिष्ठ अधिकारी या कंपनी मालिक के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने का संदेश मिलने पर दूसरे विश्वसनीय माध्यम से उसकी पुष्टि जरूर करनी चाहिए।

मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह, हेड कांस्टेबल बालकिशन और कांस्टेबल मोहित कुमार शामिल रहे।