शाहजहांपुर: मनरेगा में फर्जी हाजिरी को लेकर किसान यूनियन ने की निष्पक्ष जांच की मांग, भेजा ज्ञापन

उप्र के शाहजहांपुर जनपद में भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) ने के भावलखेड़ा ब्लॉक की तमाम ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में कथित अनियमितताओं और फर्जी हाजिरी की  निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शाहजहांपुर: मनरेगा में फर्जी हाजिरी को लेकर किसान यूनियन ने की निष्पक्ष जांच की मांग, भेजा ज्ञापन
Published By- Diwaker Mishra

शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट  

शाहजहांपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के शाहजहांपुर जनपद में भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) ने के भावलखेड़ा ब्लॉक की तमाम ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में कथित अनियमितताओं और फर्जी हाजिरी की  निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संगठन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष मुनेश्वर दयाल कठेरिया ने ज्ञापन में कहा कि मनरेगा योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना और गांवों में विकास कार्य कराना है।

आरोप है कि कुछ स्थानों पर बिना कार्य किए मजदूरों की हाजिरी दर्ज किए जाने तथा सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। संगठन ने वास्तविक रूप से काम करने वाले श्रमिकों की उपस्थिति और सरकारी अभिलेखों में दर्ज हाजिरी का मिलान कराने की मांग की है।

ज्ञापन में संबंधित कार्यों के मस्टर रोल, श्रमिकों की उपस्थिति, ई-मस्टर रोल, एनएमएमएस उपस्थिति रिकॉर्ड तथा भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच कराने पर जोर दिया गया है। साथ ही मौके पर कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराकर अभिलेखों में दर्ज विवरण से मिलान कराने की मांग की गई है।

संगठन ने यह भी मांग की है कि जिन श्रमिकों की  फर्जी हाजिरी, गलत भुगतान अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में जांच पूरी होने तक संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने तथा जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने कहा कि शिकायत पर की गई कार्रवाई से उसे लिखित रूप में अवगत कराया जाए।

भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) ने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर जनहित और ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी, शाहजहांपुर को भी भेजी गई है।