बलरामपुर: सड़क पर उतरे थारू जनजाति के लोग, अन्य जातियों को जनजाति आरक्षण दिए जाने का विरोध
भारत नेपाल सीमा के जंगलों में निवास करने वाले थारू जनजाति के लोग अपने अधिकारों की मांग को लेकर उप्र के बलरामपुर जनपद में सड़कों पर आ गए है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज़। भारत नेपाल सीमा के जंगलों में निवास करने वाले थारू जनजाति के लोग अपने अधिकारों की मांग को लेकर उप्र के बलरामपुर जनपद में सड़कों पर आ गए है।
गोंड एवं अन्य कुछ जातियों को आदिवासी समाज में शामिल करने और उन्हें जनजाति का आरक्षण दिए जाने के विरोध में थारू समाज के लोगों ने प्रदेश के खाद्य एवं रसद मंत्री की मौजूदगी में डीएम कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बसे थारू समाज के सैकड़ों लोग करीब 70 किलोमीटर दूर बलरामपुर जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने कथित फर्जी ST प्रमाण पत्रों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव का पुतला भी फूंका।
पुलिस ने पुतला फूंकने से रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र से चलकर पहुंचे सैकड़ों जनजाति के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
मूल आदिवासी जनजाति कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जनजाति कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग फर्जी तरीके से ST प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जनजाति के अधिकारों का लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
थारू कल्याण समिति के संरक्षक धनीराम चौधरी ने दावा किया कि उतर प्रदेश के कुशीनगर और देवरिया में ऐसे कई मामलों की शिकायत की गई है और कुछ प्रमाण पत्र निरस्त भी कराए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पद से हटाने अथवा बर्खास्त करने की मांग की।
इसके साथ ही आदिवासी जनजाति कल्याण संस्थान एवं थारू कल्याण समिति के संरक्षक धनी राम चौधरी ने रामकोला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक विनय प्रकाश गोंड पर भी फर्जी ST प्रमाण पत्र के आधार पर विधायक बनने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक ST समुदाय के अधिकारों को सुरक्षित किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव का पुतला फूंके जाने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।
इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक और झड़प हुई।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ी संख्या में दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।




