फतेहपुर में मकबरा-मंदिर विवाद: हिंदू संगठन ने मजार में तोड़फोड़ कर लगाया भगवा झंडा, इलाके में तनाव
फतेहपुर के रेडइया मोहल्ले में मकबरा-मंदिर विवाद को लेकर तनाव। हिंदू संगठनों ने मजार में तोड़फोड़ कर भगवा झंडा लगाया, मुस्लिम समुदाय के विरोध के बाद पुलिस ने इलाके में भारी फोर्स तैनात की।
फतेहपुर/ जनमत न्यूज़:- फतेहपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के रेडइया मोहल्ले आबू नगर ने मकबरा और मन्दिर विवाद को लेकर विवादित स्थल में तनाव का माहौल है। हिंदूवादी संगठन इस मकबरे को ठाकुर जी का मंदिर बता रहे हैं। और आज सुबह 11 बजे हिन्दू संगठन ने पूजा करने का आवाहन किया था और दावा किया है कि वह मकबरा नहीं बल्कि एक मंदिर है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने पूरे परिसर में बैरिकेटिंग लगाकर पुलिस फोर्स तैनात की थी और पूजा पाठ पर रोक लगाई थी। लेकिन हिन्दू संगठन के लोगों ने विवादित स्थल पर जन्माष्टमी को लेकर साफ-सफाई कर पूजा करने की मांग पर अड़े थे। हज़ारों की संख्या में एकत्रित हिंदू संगठन के लोगों ने बैरिकेडिंग हटाकर मकबरा परिसर पर एकत्रित हुए और विवादित स्थल में चढ़कर मजार में तोड़फोड़ कर भगवा झंडा लगाया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग भी विवादित स्थल के पास एकत्रित हो गए और पथराव कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। फिलहाल जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट पर है और कई थानों की पुलिस फोर्स मुस्तैद है।
फतेहपुर जिले के सदर तहसील क्षेत्र स्थित रेडइया मोहल्ले आबू नगर में विवादित मकबरा स्थित है जो सरकारी अभिलेखों में खसरा संख्या 753, राष्ट्रीय संपत्ति मकबरा मंगी के तौर पर दर्ज है। लेकिन मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति, बीजेपी नेता समेत हिन्दूवादी संगठनों ने इसको ठाकुर जी का मंदिर बताया है। और मंदिर के स्वरूप को बदल कर मकबरा बनाने का मुस्लिम समुदाय के ऊपर आरोप लगाया है। वहीं राष्ट्रीय ओलमा कॉउन्सिल के राष्ट्रीय सचिव ने सैकड़ों साल पुराना नवाब अब्दुस समद मकबरा बताया है।
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि यहां पर अभी अलग-अलग समुदाय के लोग काफी संख्या में आए थे लेकिन सभीं से बात की गई उनको आश्वासन दिया गया और किसी प्रकार से कानून व्यवस्था को प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं होने दिया जायेंगा। कानून व्यवस्था सामान्य है । वीडियो ग्रैफिंग कराई जा रही है और इसके बारे में एक विस्तार से रिपोर्ट दीए जाएगी। पहले समुदायों से वार्ता और एक बैठक हुई थी। यहां पर वास्तविक ढांचा क्या है इस पर अभी कोई कमेंट करने के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट ही ठीक रहेगा। सभी लोगों से बात करके उनकी बातों को सुना जाएगा और फिर इसके अनुसार ऐसी चीज करेंगे जिससे कि कोई अशांति ना हो। काफी संख्या में लोग आए थे लेकिन सबसे शांतिपूर्ण बात कर वापस भेजा गया। मीडिया से भी अनुरोध है कि कोई अफवाह है ना फैलाएं । वर्तमान में शांति व्यवस्था कायम है लेकिन फिर भी हम लोग मुस्तैदी से जुटे हुए है।

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