यूजीसी कानून के विरोध में रायबरेली में अनोखा प्रदर्शन, सवर्ण नेताओं को भेजी गईं चूड़ियां

भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने कहा कि जो नेता जनता की आवाज नहीं उठा सकते, उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए और घर में चूड़ियां पहनकर बैठ जाना चाहिए।

यूजीसी कानून के विरोध में रायबरेली में अनोखा प्रदर्शन, सवर्ण नेताओं को भेजी गईं चूड़ियां
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

रायबरेली से महाताब खान की रिपोर्ट —

रायबरेली/जनमत न्यूज। यूजीसी कानून को लेकर रायबरेली में विरोध तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौ रक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए सवर्ण नेताओं को चूड़ियां भेजकर प्रदर्शन किया। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए प्रदर्शनकारियों ने नेताओं की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सवर्ण नेता भाजपा की नीतियों के दबाव में जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर मौन साधे हुए हैं। उनका आरोप है कि जनता ने वोट देकर नेताओं को विधायक और मंत्री बनाया, लेकिन जब यूजीसी कानून के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ, तो यही नेता खुलकर सामने आने से कतराते नजर आए।

भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह ने कहा कि जो नेता जनता की आवाज नहीं उठा सकते, उन्हें राजनीति छोड़ देनी चाहिए और घर में चूड़ियां पहनकर बैठ जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे में महिलाओं को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा सकें।

इस दौरान रमेश बहादुर सिंह अपने समर्थकों के साथ हाथों में प्लेकार्ड लेकर सड़कों पर उतरे और यूजीसी कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

वहीं दूसरी ओर, रायबरेली किसान यूनियन के अध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने भी यूजीसी कानून के विरोध में कड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को अपना इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ है, इसलिए वे इसका विरोध जारी रखेंगे।

फिलहाल यूजीसी कानून को लेकर जिले में विरोध के स्वर लगातार मुखर होते जा रहे हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।