मुजफ्फरनगर के राजेंद्र सैनी हत्याकांड में 8 साल बाद आया फैसला, दो दोषियों को फांसी की सजा
उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में वर्ष 2018 में मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी सराय गांव में मिले राजेंद्र सैनी के जले हुए शव के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में वर्ष 2018 में मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी सराय गांव में मिले राजेंद्र सैनी के जले हुए शव के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने मामले को "विरल से विरलतम" मानते हुए दोषी गजेंद्र उर्फ गुल्लू और राम किरण उर्फ सावनगिरी को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि 5 जून 2018 को खेत में जली हुई लाश मिलने के बाद जांच में मृतक की पहचान राजेंद्र सैनी के रूप में हुई थी। आरोपियों ने गला घोंटकर हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाकर खेत में गाड़ दिया था।
मामले में कुल तीन आरोपी थे, जिनमें से वीरसेन की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि शेष दो आरोपियों को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 8 गवाह पेश किए थे।

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