हाथरस रोड हाल्ट बाबा हत्याकांड का खुलासा: खुद को ‘मृत’ दिखाने की साजिश रचने वाला शातिर गिरफ्तार

आरोपी पूर्व में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी रह चुका है, लेकिन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के चलते उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी और बदायूं सहित कई जिलों में हत्या, अपहरण, लूट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

हाथरस रोड हाल्ट बाबा हत्याकांड का खुलासा: खुद को ‘मृत’ दिखाने की साजिश रचने वाला शातिर गिरफ्तार
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

हाथरस से होमेन्द्र कुमार मिश्रा की रिपोर्ट —

हाथरस/जनमत न्यूज। हाथरस रोड हाल्ट स्टेशन पर हुए सनसनीखेज बाबा हत्याकांड का जीआरपी थाना हाथरस सिटी पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने खुद को मृत साबित करने के लिए एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार, 12 मार्च 2026 को हाथरस रोड हाल्ट स्टेशन के टीन शेड में एक अज्ञात व्यक्ति का जला हुआ शव बरामद हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाना हाथरस सिटी में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

लगातार जांच के दौरान 14 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आरोपी रामवीर सिंह (55 वर्ष), निवासी थाना किशनी, जनपद मैनपुरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूर्व में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी रह चुका है, लेकिन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के चलते उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी और बदायूं सहित कई जिलों में हत्या, अपहरण, लूट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

इन मामलों से बचने के लिए आरोपी ने एक शातिर योजना बनाई। उसने सोचा कि किसी अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर उसके पास अपने पहचान पत्र रख दिए जाएं, जिससे पुलिस उसे मृत मान ले। इसी साजिश के तहत उसने हाथरस रोड हाल्ट पर भीख मांगने वाले एक अज्ञात व्यक्ति को निशाना बनाया और उसे जिंदा जला दिया। घटना के दौरान आरोपी खुद भी झुलस गया था, जिससे पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले के खुलासे में जीआरपी हाथरस सिटी की टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें थानाध्यक्ष सुयश सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और पुलिस की इस सफलता की सराहना की जा रही है।