गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए डाला गया पानी, वायरल वीडियो के बाद केंद्र प्रभारी निलंबित

वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि गेहूं की बोरियों के चट्टों पर चारों ओर पाइप के माध्यम से पानी डाला जा रहा है। आरोप है कि यह कृत्य जानबूझकर भंडारित गेहूं का वजन बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।

गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए डाला गया पानी, वायरल वीडियो के बाद केंद्र प्रभारी निलंबित
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

बलरामपुर से गुलाम नबी की रिपोर्ट —

बलरामपुर/जनमत न्यूज। राज्य भंडारगृह खुटेहना, बलरामपुर में गेहूं के भंडारित स्टॉक का वजन बढ़ाने के लिए टुल्लू पंप से पानी डाले जाने का गंभीर मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए 19 सेकेंड के वीडियो को मीडिया द्वारा प्रमुखता से प्रसारित किए जाने के बाद पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि गेहूं की बोरियों के चट्टों पर चारों ओर पाइप के माध्यम से पानी डाला जा रहा है। आरोप है कि यह कृत्य जानबूझकर भंडारित गेहूं का वजन बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विपणन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रादेशिक क्षेत्रीय प्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालय अयोध्या-देवीपाटन तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी बलरामपुर की संयुक्त टीम ने 10 जनवरी 2026 को भंडारगृह खुटेहना पहुंचकर जांच की। संयुक्त जांच आख्या में यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र पर भंडारित गेहूं के चट्टों पर जानबूझकर पानी डाला गया था, जिससे स्टॉक के वजन में कृत्रिम बढ़ोतरी की जा सके।

जांच के दौरान केंद्र प्रभारी एवं प्राविधिक सहायक त्रियुगी नारायण शुक्ला द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण से जांच समिति संतुष्ट नहीं हुई। उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके बाद क्षेत्रीय प्रबंधक अयोध्या ने जिलाधिकारी बलरामपुर से विचार-विमर्श कर प्राप्त निर्देशों के क्रम में अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।

क्षेत्रीय प्रबंधक अयोध्या द्वारा कार्यालय पत्रांक 3408 दिनांक 12 जनवरी 2026 के माध्यम से संयुक्त जांच आख्या प्रेषित करते हुए त्रियुगी नारायण शुक्ला को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम कर्मचारी वर्ग विनियमावली 2021 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

इस प्रकरण में सुभाष चंद्र पांडेय, उप प्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। प्रशासन का कहना है कि विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।