औरैया: फर्जी GST फर्म बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी, अवैध ITC क्लेम का खुलासा; 4 गिरफ्तार

उप्र की औरैया पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।

औरैया: फर्जी GST फर्म बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी, अवैध ITC क्लेम का खुलासा; 4 गिरफ्तार
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। उप्र की औरैया पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर कई फर्मों का पंजीकरण कराया और बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी इनवॉयस जारी कर 229.50 लाख रुपये की अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा किया।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मंगलवार दोपहर एक प्रेस वार्ता में बताया कि गिरोह के सदस्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को 10-15 हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज हासिल करते थे।

इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी किरायानामा और बिजली के बिल तैयार कर जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था। इन बोगस फर्मों के माध्यम से ITC क्लेम कर केंद्र और राज्य सरकार के राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

पुलिस ने इस मामले में श्याम सुंदर पासवान, अशोक कुमार पासवान, महावीर शरण (उर्फ पहाड़िया) और विमल कुमार नामक चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2 लैपटॉप, 8 एंड्रॉइड फोन, 9 कीपैड फोन, 8 पासबुक, 7 डेबिट कार्ड, 11 रजिस्टर, 12 आधार कार्ड, 20 सिम कार्ड और 6000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

जांच में सामने आया है कि श्याम सुंदर पासवान भोले-भाले लोगों से दस्तावेज प्राप्त कर फर्जी फर्म बनवाता था। अशोक कुमार कंप्यूटर पर दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी कंपनियां तैयार करता था।

महावीर शरण बोगस फर्मों के माध्यम से आईटीसी पास-ऑन कर राजस्व की चोरी में शामिल था, जबकि विमल कुमार ने अपने नाम पर फर्जी फर्म बनवाकर आर्थिक लाभ और कमीशन प्राप्त किया।

इस पूरे मामले की जांच और कार्रवाई पुलिस की एसआईटी टीम द्वारा की गई। टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार, अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह, अपराध शाखा के निरीक्षक अनूप कुमार मौर्य और साइबर थाना के उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी जैसे अधिकारी शामिल थे।