रायबरेली में 15 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, मिर्चा कारोबारी मास्टरमाइंड, दो गिरफ्तार
साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड रायबरेली का मिर्चा कारोबारी शादाब है। आरोप है कि शादाब ने रायबरेली में एक संगठित नेटवर्क तैयार कर अपने गिरोह के सदस्यों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के शिकार लोगों से वसूली गई रकम को ट्रांसफर कराने के लिए किया जाता था।
रायबरेली से महाताब खान की रिपोर्ट —
रायबरेली/जनमत न्यूज। जनपद में साइबर ठगी के करोड़ों रुपये ठिकाने लगाने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 15 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। जांच के दौरान ठगी से जुड़े कुल 9 बैंक खातों को चिन्हित किया गया है, जिनमें वर्ष 2021 से अब तक लगभग 50 करोड़ रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, इस साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड रायबरेली का मिर्चा कारोबारी शादाब है। आरोप है कि शादाब ने रायबरेली में एक संगठित नेटवर्क तैयार कर अपने गिरोह के सदस्यों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के शिकार लोगों से वसूली गई रकम को ट्रांसफर कराने के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया है कि इन खातों में से करीब 15 करोड़ रुपये सीधे तौर पर साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 135 साइबर ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के सदस्य तकनीकी माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में घुमाकर उसे ठिकाने लगा देते थे।
साइबर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों राज सिंह भदौरिया और सुधांशु श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य आरोपी मिर्चा कारोबारी शादाब फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ठगों ने टेलीग्राम पर इन्वेस्टमेंट ग्रुप बना रखा था। इन ग्रुपों के माध्यम से लोगों को शेयर बाजार में निवेश कर पैसा दोगुना करने का झांसा दिया जाता था। इसी बहाने पीड़ितों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। साइबर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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