बांदा के बढ़ते तापमान का अध्ययन करने पहुंची 6 वैज्ञानिकों की टीम, वर्तमान स्थिति का किया जाएगा आकलन

दुनिया की सबसे गर्म शहरों में शुमार हो चुके उप्र के बांदा जिले के बढ़ते तापमान एवं भीषण हीट वेब की परिस्थितियों को देखते हुए यहां 6 वैज्ञानिकों की टीम पहुंची।

बांदा के बढ़ते तापमान का अध्ययन करने पहुंची 6 वैज्ञानिकों की टीम, वर्तमान स्थिति का किया जाएगा आकलन
Published By- Diwaker Mishra

बांदा से दुर्गेश कश्यप की रिपोर्ट

बांदा/जनमत न्यूज़। दुनिया की सबसे गर्म शहरों में शुमार हो चुके उप्र के बांदा जिले के बढ़ते तापमान एवं भीषण हीट वेब की परिस्थितियों को देखते हुए यहां 6 वैज्ञानिकों की टीम पहुंची।

जिलाधिकारी अमित आसेरी के अनुरोध पर शासन स्तर से 6 वैज्ञानिकों की टीम बांदा पहुंची। रिमोट सेंसिंग एवं भू स्थानिक सूचना प्रणाली तकनीकी का उपयोग करते हुए बांदा जिले में एक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करते हुए किया विश्लेषण जाएगा।

यह अध्ययन भविष्य में संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए हीट वेव प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलन का एक प्रभावी मॉडल सिद्ध होगा। भूमि सतह तापमान का विश्लेषण किया जाएगा।

उपग्रह आंकड़ों के माध्यम से ऐसे क्षेत्र की पहचान की जाएगी जहां भूमिका तापमान सर्वाधिक दर्ज हो रहा है। वृक्षों की संख्या, वन क्षेत्र में हुए परिवर्तनों तथा हरित आवरण की स्थिति का अध्ययन किया जाएगा।

तालाब, नदियों, जलाशय एवं भूजल स्तर की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाएगा। यह जांचा जाएगा की नमी की कमी किस प्रकार तापमान वृद्धि को प्रभावित कर रही है।

बुंदेलखंड की चट्टानी भूमि, कम आद्रता, खुले भूभाग तथा गर्म हवाओं की दिशा एवं प्रवाह का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा। सड़कों, कंक्रीट संरचना और निर्माण गतिविधियों एवं धूल प्रदूषण के कारण उत्पन्न होने वाले हीट आईलैंड प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर तापमान वृद्धि में मानवीय गतिविधियों की भूमिका का आकलन किया जाएगा। वैज्ञानिक यह निर्धारित करेंगे कि बांदा में तापमान वृद्धि केवल मौसमी कारणों से हो रही है अथवा स्थानीय परिस्थितियां भी इसे अति गंभीर बना रही है।

अध्ययन के लिए पुराने तापमान रिकॉर्ड, मौसम संबंधी आंकड़े तथा वर्तमान उपग्रह डाटा का समन्वित विश्लेषण किया जाएगा

अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर जिले में प्रभावी हीट एक्शन प्लान, वृहद पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण उपाय किया जाएगा। छायादार क्षेत्रों का विकास तथा गर्मी से बचाव हेतु दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार की जा सकेंगी। बता दें कि पिछले दिनों बांदा का तापमान48 डिग्री को पार कर चुका है।