बांदा: रसोई गैस की किल्लत को लेकर सड़क पर उतरे सपाई, कहा- पीएम की गलती से जनता लगा रही लाइन

उप्र के बांदा जनपद में आज समाजवादी पार्टी के नेता रसोई गैस की किल्लत को लेकर सड़क पर उतरे।

बांदा: रसोई गैस की किल्लत को लेकर सड़क पर उतरे सपाई, कहा- पीएम की गलती से जनता लगा रही लाइन
Published By- Diwaker Mishra

बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट

बांदा/जनमत न्यूज़। उप्र के बांदा जनपद में आज समाजवादी पार्टी के नेता रसोई गैस की किल्लत को लेकर सड़क पर उतरे। सपा नेता ईशान सिंह लवी के नेतृत्व मे जिला मीडिया प्रभारी प्रवक्ता प्रमोद गुप्ता राजा,पूर्व कोषाध्यक्ष वृंदावन वैश्य, कल्लू चौहान, ऋषि द्विवेदी,रविन्द्र नाथ गुप्ता, तनय सिंह,सुधीर सिंह, आशीष कुशवाहा के साथ बांदा में काफी समय से चली आ रही रसोई गैस की समस्या को लेकर ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा जनता धूप में गैस सिलेंडर लेने के लिए परेशान है।

समाजवादी पार्टी ने कहा कि हम सभी समाजवादी पार्टी के लोग सबसे पहले आराधना गैस एजेंसी रामेंद्र शर्मा के ऑफिस 11 बजे सुबह पहुंचे जहां ऑफिस बंद था। वहीं फोन करके रामेंद्र शर्मा को बुलाया गया और ऑफिस खुलवाया।

तब गैस एजेंसी संचालक शर्मा जी को फूलों की माला पहनाकर निवेदन किया गया जनता को हो रही समस्याओं को गंभीरता से ध्यान देकर समस्या का निस्तारण किया जाए। उधर गैस एजेंसी रामेंद्र शर्मा ने सबको आश्वस्त किया कि प्राथमिकता के आधार पर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा हूं।

सपाई कार्यकर्ता इसके बाद स्वराज्य कालोनी स्थित शर्मिला गैस एजेंसी जेल रोड पहुंचे वहां पर मैनेजर को माला पहनाकर और लाइन में लगे उपभोक्ता को पानी पिलाकर मैनेजर से निवेदन किया कि गैस की समस्या नहीं होनी चाहिए़।

उन्होंने कहा ग्राहक को कोई भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए और होम डिलीवरी का 50 रुपया चार्ज ग्राहक को वापस कर गैस प्रदान करें। प्रदर्शन और एजेंसी घेराव करते समाजवादी पार्टी के लोगों ने कहा कि 2014 से लाइन में लगने के अलावा इस देश में हो ही क्या रहा है।

कभी नोटबंदी के दौरान लाइन में लगना पड़ता है तो कभी कोरोना के समय ऑक्सीजन के लिए भागमभाग करनी पड़ती है। हर कहीं लाइन में लगना पड़ता है। उन्होंने कहा पीएम की गलती से जनता सिलेंडर के लिए चिलचिलाती धूप में लाइन में लग रही है।

सपाई बोले कि सरकार एक बात हमेशा ध्यान रखिएगा आज जनता लाइन में लगकर परेशान हो रही है। यही जनता 2027 में अपने वोट के अधिकार का सही प्रयोग करके वर्तमान सरकार को लाइन में लगा देगी। यह कैसी नीति है कि विपत्ति काल की कोई भी तैयारी ही नहीं है।

लोगों से रसोई गैस सिलेंडर होम डिलीवरी का पैसा तो लिया जा रहा है लेकिन उनके घर पर सिलेंडर समय से न पहुंचाकर उन्हें धूप और गर्मी में सड़क में लाइन में लगने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बाँदा के विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले कागजी नेता कहाँ चले गए?

क्या यही अच्छे दिन हैं और क्या हमारा देश विश्व गुरु कहलाने के लायक है? हकीकत यह है कि हम विश्व गुरु थे लेकिन आज गलत नीतियों के कारण विश्व के दूसरे नेताओं के इशारों पर चेला गिरी कर रहे हैं।

2014 से केवल बतौलेबाजी हो रही है। युद्ध किसी और देश में हो रहा है और सरकार की कोई तैयारी न होने के कारण भारत देश की जनता को अपने जीवन यापन व जरूरत की चीजें पाने के लिए सड़कों पर भीषण संघर्ष करना पड़ रहा है।

यह है मांग

1- जनता को लाइन में लगाकर परेशान करने वाले गैस एजेंसी मालिकों की जांच हो।

2- जनता मजबूरी में अपना काम धंधा छोड़कर सड़कों पर लाइन में लगी है उसके लिए धूप से बचाव के लिए छांव, पीने के पानी आदि की व्यवस्था की जाए।

3- अगर कोई उपभोक्ता गैस एजेंसी मालिक द्वारा निर्धारित अस्थाई जगह, स्थान या सड़क में गैस सिलेंडर लेने जा रहा है तो उस उपभोक्ता से होम डिलीवरी का चार्ज ना लिया जाए।

4- जितने भी लोगों के घर पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं की गई है और उन्हें सड़क में खड़ा करके सिलेंडर दिया गया है उनकी होम डिलीवरी का रुपया उपभोक्ता के खाते में वापस किया जाए।

5- जिस स्थान से गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं वहां पर नियमानुसार सिलेंडर तौलने के लिए मशीन रखी जाए और उपभोक्ता को गैस सिलेंडर तौलकर दिया जाए।

6- बांट-माप विभाग एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी गैस वितरित करने वाले लोगों व वितरण स्थान पर बढ़ाई जाए ताकि उपभोक्ताओं के साथ सिलेंडर में गैस की घटतौली ना हो सके और उन्हें किसी भी प्रकार से प्रताड़ित न किया जाए।

7- गैस सिलेंडर घर तक पहुंचाने वाले हाकरों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए।

8- गैस सिलेंडर वितरण स्थल पर उपभोक्ताओं के अधिकार लिखे हुए बैनर लगाए जाएं और उस पर यह भी स्पष्ट लिखा जाए कि गैस होम डिलीवरी चार्ज नहीं लिया जाएगा।

9- गैस सिलेंडर की समस्या तुरंत हल कर घर-घर तक होम डिलीवरी की जाए।

10- जहां पर गैस वितरण की व्यवस्था हो वहां पर फायरबिग्रेड की व्यवस्था रहे ताकि जन हानि और धन हानि की रोका जा सके।