गंग नहर की पुश्तैनी धरोहर बेलडा पर घटिया निर्माण का आरोप, पूर्व प्रधान के हस्तक्षेप से हरकत में आया सिंचाई विभाग

पूर्व प्रधान द्वारा मामले को गंभीरता से उठाए जाने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा ने आश्वासन दिया कि मौके पर पड़ी घटिया गुणवत्ता की ईंटों को तत्काल हटवाया जाएगा

गंग नहर की पुश्तैनी धरोहर बेलडा पर घटिया निर्माण का आरोप, पूर्व प्रधान के हस्तक्षेप से हरकत में आया सिंचाई विभाग
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज। जनपद मुजफ्फरनगर में सिंचाई विभाग की गंग नहर स्थित पुश्तैनी धरोहर बेलडा पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि पुरानी दीवारों को तोड़कर किए जा रहे नए निर्माण में घटिया किस्म की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इस ऐतिहासिक और पुश्तैनी धरोहर की मजबूती और भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।

मामले की जानकारी मिलते ही गांव के पूर्व ग्राम प्रधान नरेश सिंह मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर पड़ी ईंटों और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इसके बाद पूर्व प्रधान ने फोन के माध्यम से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा को पूरे प्रकरण से अवगत कराया।

पूर्व प्रधान द्वारा मामले को गंभीरता से उठाए जाने के बाद सिंचाई विभाग हरकत में आ गया। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा ने आश्वासन दिया कि मौके पर पड़ी घटिया गुणवत्ता की ईंटों को तत्काल हटवाया जाएगा और निर्माण कार्य में मानक के अनुरूप अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का ही उपयोग किया जाएगा।

इसके साथ ही अधिशासी अभियंता ने संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तुरंत मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच करें। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत की जाए, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उधर, इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि गंग नहर की यह पुश्तैनी धरोहर क्षेत्र की पहचान है और इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए, ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।