मुकदमा खत्म होते ही अमेरिकी कंपनी ने अदाणी ग्रुप में झोंके ₹19 हजार करोड़, रिलायंस से घटाई हिस्सेदारी
अमेरिका में अदाणी के खिलाफ SEC का मुकदमा बंद होते ही अमेरिकी दिग्गज निवेश फर्म कैपिटल ग्रुप ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों में अपना निवेश बढ़ा दिया है।
नई दिल्ली/जनमत न्यूज़। अमेरिका में अदाणी के खिलाफ SEC का मुकदमा बंद होते ही अमेरिकी दिग्गज निवेश फर्म कैपिटल ग्रुप ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों में अपना निवेश बढ़ा दिया है।
इतना ही नहीं इस फर्म ने मुकेश अंबानी की रिलायंस से अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। कैपिटल ग्रुप दुनिया की सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्मों में से एक है।
इस ग्रुप ने भारत के दो दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी की कंपनियों में निवेश कर रखा है और अब कैपिटल ग्रुप अदाणी समूह में अपने निवेश को बढ़ा रहा है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम कर रहा है।
US फर्म ने झोंक दिए 2 बिलियन डॉलर
गौरतलब है कि अमेरिका के न्याय विभाग ने 18 मई को अमेरिका में अदाणी के खिलाफ चल रहे सभी मुकदमे बंद (Adani US SEC Case) कर दिए। यह अदाणी ग्रुप के लिए एक बड़ी खबर थी।
इस खबर के बाद अदाणी की कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली थी। अदाणी के खिलाफ केस बंद होते ही कैपिटल ग्रुप ने अदाणी ग्रुप पर बड़ा दांव लगाया है।
इस मामले से परिचित लोगों ने लॉस एंजिल्स स्थित एक मनी मैनेजर ने हाल के हफ्तों में अदाणी ग्रुप की तीन कंपनियों में $2 बिलियन से ज्यादा (करीब 20 हजार करोड़ रुपये) की हिस्सेदारी खरीदी है।
BSE ब्लॉक-डील डेटा के अनुसार, 5 मई को कैपिटल ग्रुप ने ओपन-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड में लगभग 2% हिस्सेदारी 74.86 बिलियन रुपये ($776 मिलियन) में खरीदी। भारतीय रुपयों में यह निवेश करीब 74443503600 रुपये का है।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि दुनिया भर में $3.3 ट्रिलियन से ज्यादा (3.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) की संपत्ति को मैनेज करने वाली फर्म ने Adani Power Ltd. और Adani Green Energy Ltd. में 1.5% से 2% के बीच हिस्सेदारी भी हासिल कर ली है। इन लोगों ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि यह जानकारी निजी है।
मुकेश अंबानी की रिलायंस से घटाई हिस्सेदारी
एक तरह कैपिटल ग्रुप जहां अदाणी की कंपनियों में भर-भरकर पैसा लगा रहा है तो दूसरी ओर उसने मुकेश अंबानी की रिलायंस में अपना निवेश कम किया है। ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, मार्च के आखिर में कंपनी के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के करीब 142 मिलियन शेयर थे।
जबकि छह साल पहले यह संख्या करीब 500 मिलियन थी और मार्च 2017 में यह 755 मिलियन के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर थी। लेकिन धीरे-धीरे करके यह फर्म अंबानी की रीलायंस में अपनी हिस्सेदारी घटा रहा है।
अंबानी की कंपनियों के शेयरों में जारी है तेजी
भारत के अरबपति गौतम अदाणी की कंपनियों के शेयरों में तेजी का दौर जारी है। अदाणी पावर ने एक साल में 98 फीसदी का रिटर्न दिया है। अदाणी ग्रीन एनर्जी से 40% तो अदाणी पोर्ट्स के शेयरों ने एक साल में 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

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