रातभर बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने बबुरी उपकेंद्र पर जड़ा ताला, अनिश्चितकालीन धरना शुरू
धरनारत लोगों का कहना था कि दिन में बिजली कटौती किसी हद तक बर्दाश्त की जा सकती है, लेकिन रात में लगातार बिजली बाधित होना अब असहनीय हो गया है।
चंदौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट —
चन्दौली/जनमत न्यूज। भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली कटौती एवं बार-बार ट्रिपिंग से परेशान बबुरी क्षेत्र के लोगों का गुस्सा गुरुवार देर रात फूट पड़ा। नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में बबुरी बिजली उपकेंद्र पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने पावर हाउस के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पूरी रात बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। 20 से 40 मिनट के अंतराल पर बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को पूरी रात जागकर बितानी पड़ी। वहीं छात्रों की पढ़ाई और व्यापारियों का कामकाज भी प्रभावित हुआ।
धरनारत लोगों का कहना था कि दिन में बिजली कटौती किसी हद तक बर्दाश्त की जा सकती है, लेकिन रात में लगातार बिजली बाधित होना अब असहनीय हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
धरने के दौरान महेंद्र सेठ और श्रीप्रकाश प्रतिनिधि के रूप में धरने पर बैठे रहे, जबकि उनके समर्थन में सैकड़ों ग्रामीण पूरी रात उपकेंद्र परिसर में डटे रहे। सूचना मिलने पर भाजपा नेता राणा सिंह भी धरनास्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने मौके से ही बिजली विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
फिलहाल बबुरी बिजली उपकेंद्र का मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं।

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