मस्जिद-मदरसा छोड़ो, रोजगार और शिक्षा पर ध्यान दो: संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क का सरकार पर हमला
उप्र के संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर बर्क ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट
संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर बर्क ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
मुरादाबाद में मस्जिद से जुड़े सर्वे और आदेशों को लेकर पूछे गए सवाल पर बर्क ने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा फोकस मस्जिद, मदरसा और कब्रिस्तान जैसे मुद्दों पर है, जबकि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे बुनियादी सवाल पीछे छूट गए हैं।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि सरकार को गरीबों को सुविधाएं उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, बच्चों की शिक्षा बेहतर करने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए काम करना चाहिए।
बर्क का आरोप है कि इन मुद्दों की बजाय धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, मुरादाबाद में मस्जिद से जुड़े सर्वे और आदेशों को लेकर बर्क ने सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार का “वन पॉइंट प्रोग्राम” मस्जिद, मदरसा और कब्रिस्तान तक सीमित होकर रह गया है। सहारनपुर में पुरानी मस्जिद को गिराए जाने के मामले पर भी सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने नाराजगी जताई। बर्क का दावा है कि मस्जिद करीब 119 साल पुरानी थी और उसके दस्तावेज भी मौजूद थे।
उन्होंने सवाल उठाया कि अधिकारी कब से न्यायपालिका की भूमिका निभाने लग, बर्क ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक स्थलों को लेकर शिकायतें करते हैं और उसके बाद पुलिस-प्रशासन जल्दबाजी में कार्रवाई करता है।
उन्होंने ऐसी कार्रवाई को संवैधानिक व्यवस्था और कानून के खिलाफ बताया। संभल और मुरादाबाद में जारी किए गए नोटिस को लेकर भी बर्क ने सवाल खड़े किए।
उन्होंने अधिकारियों से संविधान और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करने की अपील की। साथ ही कहा कि अगर किसी अधिकारी ने गलत तरीके से कार्रवाई की तो वह उसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। बर्क ने कहा कि इन मामलों को न्यायालय में मजबूती से उठाया जाएगा और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संभल, मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ में धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर सवाल पूछे जाने पर बर्क ने कहा कि उन्हें लगता है कि सरकार का ध्यान इन्हीं मुद्दों पर ज्यादा है।
बर्क ने सवाल उठाया कि अगर किसी मस्जिद को गिराने से विकास होता है, तो इससे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, कितने स्कूल, कॉलेज या अस्पताल खुलेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से आम लोगों को आखिर कौन-सा बुनियादी लाभ मिलेगा।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने ऐसी कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज के साथ-साथ हिंदू समाज के सेक्युलर लोग भी ऐसी घटनाओं को गलत मानते हैं।




