KIIT और KISS का दौरा तीर्थ स्थलों की दिव्यता का प्रतीक, यही है असली भारत: साध्वी ऋतम्भरा
प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने Kalinga Institute of Industrial Technology (KIIT) और Kalinga Institute of Social Sciences (KISS) विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर संस्थान की कार्यप्रणाली, छात्रों के अनुशासन और शिक्षा मॉडल की सराहना की।
भुवनेश्वर/जनमत न्यूज़। प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने Kalinga Institute of Industrial Technology (KIIT) और Kalinga Institute of Social Sciences (KISS) विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर संस्थान की कार्यप्रणाली, छात्रों के अनुशासन और शिक्षा मॉडल की सराहना की।
उन्होंने KISS को एक असाधारण संस्थान बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें ऐसी आध्यात्मिक अनुभूति हुई जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।
छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अनेक शैक्षणिक संस्थानों का दौरा किया है, लेकिन KISS अपने उद्देश्य, समर्पण और सामाजिक प्रभाव के कारण अलग पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि KISS में सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि संस्थान के संस्थापक और शिक्षाविद डॉ. अच्युत सामंत का कार्य समर्पण, तपस्या और सेवा का अद्भुत उदाहरण है।
उनके अनुसार KISS यह दर्शाता है कि एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें समझ में आया कि कड़ी मेहनत, सेवा और समर्पण का वास्तविक अर्थ क्या होता है।
KISS में अध्ययनरत छात्रों के अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि उन्हें यहां "असली भारत" की झलक दिखाई दी।
उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि वे ऐसे संस्थान का हिस्सा हैं, जहां शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव केवल उपदेश देने से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करने से आता है।
KISS के मॉडल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां बच्चों को केवल पढ़ाया नहीं जाता, बल्कि उन्हें आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीना और आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया जाता है। उनके अनुसार आत्मनिर्भरता ही सम्मानजनक जीवन की आधारशिला है।
कार्यक्रम के दौरान KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने अतिथियों का स्वागत किया। KISS के कुलपति प्रो. सरनजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि वरिष्ठ शिक्षाविद अशोक पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया।
KIIT और KISS: शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की मिसाल
डॉ. अच्युत सामंत द्वारा स्थापित KIIT आज देश के अग्रणी बहुविषयक निजी विश्वविद्यालयों में शामिल है, जहां भारत सहित कई देशों के छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं KISS को दुनिया के सबसे बड़े आवासीय आदिवासी शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है।
यह संस्थान हजारों आदिवासी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है। शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाते हुए KIIT और KISS ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।




