बुलंदशहर में त्यौहार के सीजन में महंगाई का तड़का, चीनी के दामों ने छुआ आसमान
आप यह जो तस्वीर देख रहे हैं यह यूपी के जनपद बुलंदशहर के कस्बा पहासू की है, जहाँ रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्यौहार से पहले महंगाई ने जनता को ऐसा झटका दिया है कि पूरे त्यौहार का सीजन ही फीका कर दिया।
बुलंदशहर से सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट
बुलंदशहर/जनमत न्यूज़। आप यह जो तस्वीर देख रहे हैं यह यूपी के जनपद बुलंदशहर के कस्बा पहासू की है, जहाँ रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्यौहार से पहले महंगाई ने जनता को ऐसा झटका दिया है कि पूरे त्यौहार का सीजन ही फीका कर दिया।
एक साथ चीनी के दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं। मात्र 8 दिन के अंदर चीनी ₹42 किलो से बढ़कर अब चीनी मार्केट में ₹65 किलो मिल रही है। लोगों का कहना है आज तक इतनी महंगी चीनी कभी नहीं देखी होगी।
आज के दौर में चीनी हर व्यक्ति की एक बहुत बड़ी जरूरत ही बन गई है क्योंकि किसी भी त्यौहार पर रिश्तेदार और मिलने वाले लोग आते रहते हैं और प्रत्येक व्यक्ति उनके स्वागत सत्कार के लिए चाय जरूर बनती है लेकिन अब तो महंगाई ने लोगों की चाय को भी फीका कर दिया है।
चीनी के साथ-साथ अन्य और वस्तुओं की बात करें तो उनके दाम भी आसमान छू रहे हैं अगर हम रिफाइंड और सरसों के तेल की बात करते हैं रिफाइंड मार्केट में 750 ग्राम की थैली लगभग डेढ़ सौ रुपए के आसपास है और उसके 1 किलो वजन की कीमत लगाई जाये तो ₹200 किलो बैठती है।
इसी तरह सरसों के तेल के दाम भी 200 रुपए के आसपास हैं इतना ही नहीं अगर मसालो की भी हम बात करें तो वह भी आसमान छू रहे हैं चाहे मिर्च हो,चाहे धनिया हो, चाहे जीरा हो, चाहे हल्दी हो सभी ने आसमान छूना शुरु कर दिया है।
आखिर गरीब बेचारा करें तो क्या करें मजदूर वर्ग के लोगों की अगर बात करें तो लोग बोल रहे हैं सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों का तो जीना दुश्वार कर दिया है और गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों की थाली से धीरे-धीरे सभी चीज गायब होती जा रही हैं।
अब त्यौहार को इतनी महंगाई में लोग कैसे मनाए दूसरी तरफ व्यापारियों को भी एक बहुत बड़ा डर सता रहा है व्यापारियों का यह भी कहना है कि व्यापारी लोगों ने अपनी दुकानों पर महंगे रेट में सभी सामान खरीद कर रख लिए हैं।
अगर वह अचानक दाम गिर जाते हैं तो व्यापारियों को भी बहुत नुकसान बैठेगा तो व्यापारी हो या आम जनता इस त्यौहार के सीजन में महंगाई की मार से जूझ रही है लेकिन सरकार को शायद गरीब जनता की कोई फिक्र नहीं है।
एक तरफ सरकार महंगाई कम करने की बात कर रही है लेकिन दूसरी तरफ किसी न किसी बहाने सरकार लोगों की कमर को भी तोड़ रही है जबकि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का त्यौहार एक बड़े पर्व के रूप में मानाया जाता है।
इस बार महंगाई ने इस कदर कमर तोड़ दी की लोग सामान लाने में बहुत मजबूर हैं आखिर लोगों का त्यौहार कैसे मनेगा उधर मिष्ठान की दुकान करने वाले लोगों का कहना है।
जब चीनी के दाम महंगे होंगे तो मिठाइयां भी आसमान छूने लगेगी अगर चारों तरफ निगाह घुमाकर देखी जाए तो बाजार में कोई भी वस्तु सस्ते दामों पर नहीं मिल रही है।
जिसका रेट सुनकर गरीब और मजदूर वर्ग के लोग बाजार से खाली हाथ लौट जाने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं चारों तरफ महंगाई से जनता त्राहि त्राहि कर रही है।
लेकिन सरकार की क्या मंशा है यह तो खुद ही जाने। दुकानदारों से लेकर आम जनता से बात की गई तो सभी ने बताया की महंगाई ने गरीब तबके वर्ग के लोगों की कमर तोड़ दी है अब तो त्यौहार को मनाना भी बहुत कठिन कार्य लग रहा है।







