प्रतापगढ़ में SDM की बेटी को कथित तौर पर दी गई एक्सपायरी दवा, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
प्रतापगढ़ के लालगंज CHC में SDM की बेटी को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दिए जाने का मामला सामने आया। CMO ने निरीक्षण किया, स्टोर प्रभारी और फार्मासिस्ट निलंबित।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में सरकारी अस्पताल में दवाओं के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और ट्रॉमा सेंटर में कथित तौर पर एक्सपायरी दवाएं मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामला तब सामने आया, जब लालगंज के SDM वाचस्पति सिंह की बेटी के बुखार के इलाज के दौरान कथित तौर पर एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन और ग्लूकोज दिए जाने की जानकारी सामने आई।
बुखार के इलाज के दौरान दिया गया इंजेक्शन और ग्लूकोज
जानकारी के मुताबिक, SDM की बेटी को बुखार होने पर लालगंज CHC लाया गया था। उपचार के दौरान उसे पैरासिटामोल इंजेक्शन और ग्लूकोज दिए गए। बाद में दवाओं की एक्सपायरी डेट को लेकर जानकारी सामने आने के बाद मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तत्काल अस्पताल की दवा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी।
CMO ने किया लालगंज CHC और ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण
मामले की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने शुक्रवार को लालगंज CHC और ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के दवा स्टोर में उपलब्ध स्टॉक, दवाओं की एक्सपायरी डेट और उनके रखरखाव की व्यवस्था की जांच की गई।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का रिकॉर्ड किस तरह रखा जा रहा है और एक्सपायरी दवाओं को अलग रखने की व्यवस्था लागू है या नहीं।
स्टोर से अलग की गईं एक्सपायरी दवाएं
CMO के निरीक्षण के बाद शनिवार सुबह अस्पताल के स्टोर में रखी एक्सपायरी दवाओं को अलग करने की कार्रवाई शुरू की गई। जांच के दौरान एक्सपायरी दवाएं और ग्लूकोज मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद इन्हें उपयोग में आने वाले स्टॉक से अलग कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद अस्पताल में दवाओं के स्टॉक और उनके नियमित सत्यापन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्टोर प्रभारी और फार्मासिस्ट निलंबित
मामले में स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टोर प्रभारी अरविंद कुमार शुक्ला और फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि स्टोर प्रभारी पर एक्सपायरी इंजेक्शन जारी करने का आरोप है, जबकि फार्मासिस्ट पर इंजेक्शन लगाने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट की जांच नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
अस्पताल की दवा व्यवस्था पर उठे सवाल
अस्पताल के स्टोर में एक्सपायरी दवाएं पाए जाने के बाद दवाओं के भंडारण और स्टॉक की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि एक्सपायरी दवाएं स्टोर में लंबे समय तक कैसे मौजूद रहीं और उन्हें समय रहते अलग क्यों नहीं किया गया।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि अस्पताल में दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच और एक्सपायरी दवाओं को हटाने की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की थी।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच और अस्पताल की दवा व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाए जाने की उम्मीद है।




