बलरामपुर में पहाड़ी नालों से आई बाढ़, ललिया–हरैया मार्ग पर खतरे के बीच गुजर रहे लोग, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ललिया–हरैया–लौकहवा मार्ग पर बाढ़ का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। यह मार्ग जिला मुख्यालय से जुड़ने का मुख्य रास्ता है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। इस दौरान कई लोग रास्ते में फंस जाते हैं और उन्हें निकालने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

बलरामपुर में पहाड़ी नालों से आई बाढ़, ललिया–हरैया मार्ग पर खतरे के बीच गुजर रहे लोग, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
REPORTED BY - GULAM NABI, PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

बलरामपुर/जनमत न्यूज। लगातार बारिश और पहाड़ी नालों के उफान से जनपद बलरामपुर के ललिया क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। करीब एक दर्जन गांव पानी से घिरे हुए हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग टूट गया है और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बाधित हो गई है।

ललिया–हरैया–लौकहवा मार्ग पर बाढ़ का पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। यह मार्ग जिला मुख्यालय से जुड़ने का मुख्य रास्ता है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। इस दौरान कई लोग रास्ते में फंस जाते हैं और उन्हें निकालने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति हर वर्ष बनती है। प्रशासन द्वारा स्थायी समाधान न किए जाने से उन्हें बार-बार इस संकट का सामना करना पड़ता है। इस बार भी हालात गंभीर बने हुए हैं।

हालांकि पहाड़ी नालों का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन सड़क मार्ग पर बहाव अभी भी खतरनाक बना हुआ है। ग्रामीणों को डर है कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

ललिया क्षेत्र के लोग प्रशासन से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था और बाढ़ से निपटने के लिए ठोस एवं स्थायी उपाय करने की मांग कर रहे हैं। जब तक ऐसी व्यवस्था नहीं होती, तब तक ग्रामीणों की जान पर खतरा बना रहेगा।