7 हजार करोड़ की लागत से 91.50 किलोमीटर की सौगात कल देंगे सीएम योगी
गोरखपुर में अपनी जमीन देकर रोड कनेक्टिविटी की शानदार परियोजना गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की परिकल्पना को साकार करने वाले किसानों को खुशहाल बनाने में योगी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है, इस परियोजना के लिए सरकार ने 22029 किसानों को 2030.29 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान मुआवजा (प्रतिकर) के रूप में किया है

गोरखपुर/जनमत:- गोरखपुर में अपनी जमीन देकर रोड कनेक्टिविटी की शानदार परियोजना गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की परिकल्पना को साकार करने वाले किसानों को खुशहाल बनाने में योगी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है, इस परियोजना के लिए सरकार ने 22029 किसानों को 2030.29 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान मुआवजा (प्रतिकर) के रूप में किया है, यही नहीं जमीन देने वाले किसानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में खुद सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना कर चुके हैं, कल जब गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण होगा, तो एक बार फिर किसानों के योगदान की बरबस चर्चा होगी, ढांचागत सुविधाओं का विकास हो या फिर औद्योगिकीकरण, जमीन सबसे पहली आवश्यकता है, इसके लिए किसान या भूमि स्वामी तभी अपनी जमीन देते हैं, जब उन्हें सरकार पर विश्वास होता है और सरकार उन्हें जमीन के बदले भरपूर मुआवजा देती है, विकास कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारस्परिक विश्वास और मुआवजा देने के लिहाज से योगी सरकार बेमिसाल है, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का आज जो शानदार स्वरूप सामने आया है, वह किसानों द्वारा दी गई जमीनों से ही संभव हो पाया है, गोरखपुर से आजमगढ़ के बीच 91.35 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए चार जिलों गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ के 172 गांवों के किसानों से 1148.77 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, किसानों को बेहद पारदर्शी प्रक्रिया के तहत डीबीटी के माध्यम से दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा भुगतान किया गया है, वाकई इस परियोजना में किसानों ने खुले मन से सरकार का सहयोग किया, किसी गांव में कोई शिकायत आई भी तो उसका संतुष्टिपूर्ण समाधान खुली सुनवाई में किया गया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रोड कनेक्टिविटी की शानदार सौगात गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का शुक्रवार को लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण का समारोह करीब 92 किमी लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों छोरों आजमगढ़ के सलारपुर और गोरखपुर के भगवानपुर टोलप्लाजा के पास होगा। में आजमगढ़ वाले छोर पर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण और जनसभा करने के बाद मुख्यमंत्री एक्सप्रेसवे का भ्रमण करते हुए गोरखपुर वाले छोर पर आएंगे और यहां भी लोकार्पण की औपचारिकता के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल के विकास के नए गेटवे के रूप में देखा जा रहा है,
विकास की असीम संभावनाओं को प्रशस्त करने वाले मार्ग के रूप में तैयार किए गए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किमी है। यह गोरखपुर के एनएच-27 पर जैतपुर के पास शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलता है। चार जिलों गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ में पड़ने वाला पूर्णतः प्रवेश नियंत्रित यह एक्सप्रेसवे फोरलेन में निर्मित है और इसे भविष्य में सिक्सलेन तक विस्तारित किया जा सकता। एक्सप्रेसवे की इस परियोजना पर भूमि अधिग्रहण सहित 7283.28 करोड़ रुपये की लागत आई है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण दो पैकेज में गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक (48.317 किमी) तथा फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक (43.035 किमी) किया गया है। पहले पैकेज का निर्माण कार्यदायी संस्था के रूप में एपको इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और दूसरे पैकेज का निर्माण दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड ने कराया है।