झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना ही सच्ची राष्ट्र सेवा: डॉ. देवेंद्र शर्मा व उमाशंकर अग्रवाल

‘बाल श्रम और शिक्षा के अधिकार’ विषय पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। बच्चों के सजीव अभिनय ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना ही सच्ची राष्ट्र सेवा: डॉ. देवेंद्र शर्मा व उमाशंकर अग्रवाल
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

मथुरा से सैय्यद जाहिद की रिपोर्ट —

मथुरा/जनमत न्यूज “जिन मासूमों को आर्थिक मजबूरी और जागरूकता के अभाव ने अशिक्षा के अंधेरे में धकेल दिया, आज उन्हीं हाथों में कलम और कला देखकर मन भावुक हो उठता है।” यह भावपूर्ण उद्गार डॉ. देवेंद्र शर्मा एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उमाशंकर अग्रवाल ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को संस्कारित कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही सच्ची राष्ट्र सेवा और ईश्वर की सबसे बड़ी आराधना है।

रविवार 12 अप्रैल को इंटरनेशनल स्ट्रीट चिल्ड्रन डे के अवसर पर बी.एस.ए. इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में ‘जस्टिस फॉर चिल्ड्रन स्ट्रीट स्कूल’ के 18वें स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

अतिथियों ने संस्था संचालक सतीश चंद्र शर्मा द्वारा खुले आसमान के नीचे 18 वर्षों से संचालित इस शिक्षा अभियान की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि अभावग्रस्त परिवारों के बच्चों को शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों से जोड़ना समाज के लिए प्रेरणादायक पहल है। साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि इन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब बच्चों ने ‘बाल श्रम और शिक्षा के अधिकार’ विषय पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। बच्चों के सजीव अभिनय ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, उसे केवल अवसर और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

इस अवसर पर समाजसेवा में योगदान देने वाले कई गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें कपिल देव उपाध्याय, गीता यादव, अंजली चौहान, प्रतिभा शर्मा, वंदना सक्सेना, श्वेता शर्मा, मंजू सिंह, नंदकिशोर नंदू पांडे, सुजाता सिंह, तनु चौहान, कुमकुम राजपूत, प्रीति राजपूत, भारती राजपूत, झलक चौहान, सीमा शर्मा, हरीश बाली, रविंद्र बंसल, राजेश मित्तल, जगत नारायण अग्रवाल और नितिन मोहन शर्मा सहित कई लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम का संचालन पुंडरीक क्ष पाठक ने किया। अंत में संस्था संचालक सतीश चंद्र शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक हर वंचित बच्चे के हाथ में कूड़े के थैले की जगह किताब नहीं आ जाती।