बलरामपुर: दो सगी बहनों की नहर में डुबने से हुई मौत, पूरे गांव में छाया मातम

उप्र के बलरामपुर जनपद के गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के इटईरामपुर सकडिहवा गांव के पास सरयू नहर में नहाने के दौरान दो सगी बहनों की डूबने से मौत हो गई।

बलरामपुर: दो सगी बहनों की नहर में डुबने से हुई मौत, पूरे गांव में छाया मातम
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

उतरौला (बलरामपुर)/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद के गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के इटईरामपुर सकडिहवा गांव के पास सरयू नहर में नहाने के दौरान दो सगी बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

जानकारी के अनुसार गांव निवासी अकबर अली की बेटियां नसरीन (10) व महजबीन (7) घर के पास स्थित सरयू नहर में सूबनजोत पुल के पास नहाने के लिए गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों बहनें नहर के किनारे नहा रही थीं।

इसी दौरान छोटी बहन महजबीन अचानक फिसलकर गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे डूबता देख बड़ी बहन नसरीन ने शोर मचाते हुए उसे बचाने की कोशिश की और वह भी नहर में आगे बढ़ गई, लेकिन वह भी गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगी।

दोनों बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने तुरंत नहर में उतरकर दोनों बच्चियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों ने दम तोड़ दिया था। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण बच्चियों को लेकर घर पहुंचे, जहां उनकी मौत की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई।

मृतक दोनों बहनें पढ़ने में भी अच्छी बताई जा रही हैं। वे मदरसा दारुल हुदा गड़रहिया की छात्राएं थीं। नसरीन कक्षा 2 में पढ़ती थी, जबकि छोटी बहन महजबीन नर्सरी की छात्रा थी। दोनों बहनों के असामयिक निधन से मदरसे के शिक्षक और सहपाठी भी गहरे दुख में हैं।

घटना की सूचना मिलते ही गैंड़ास बुजुर्ग थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना अध्यक्ष राजीव मिश्र पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इस मौके पर थाना अध्यक्ष राजीव मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला नहर में नहाने के दौरान डूबने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी कर रही है और पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि देर शाम तक परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए थे। मृतक बहनों की मां जरीना खातून ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर नहर में डूबने से मौत होने की बात बताते हुए पोस्टमार्टम न कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि घटना एक हादसा है और परिवार इस दुखद स्थिति में और कार्रवाई नहीं चाहता।

परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है। मृतक बहनों के पिता अकबर अली मुंबई में रहकर टेंट हाउस में काम करते हैं और वहीं से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वहीं परिवार का सबसे बड़ा बेटा तौफीक अहमद भी मुंबई में मजदूरी करता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने उन्हें सूचना दे दी है।

परिवार में मृतक बहनों से दो बहनें बड़ी तथा एक छोटी बहन है। दोनों बहनों की मौत से घर में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं और परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के दिनों में अक्सर बच्चे और लोग नहर में नहाने के लिए चले जाते हैं, लेकिन नहर में कई जगह अचानक गहराई होने के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से नहर के किनारे सुरक्षा के इंतजाम कराने और लोगों को सावधान करने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।