उरई नगर पालिका के सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी पर डीएम नाराज़, सख्त कार्यवाही की चेतावनी

उप्र के उरई जनपद में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

उरई नगर पालिका के सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी पर डीएम नाराज़, सख्त कार्यवाही की चेतावनी
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत उरई रेलवे स्टेशन से बेरी वाले बाबा मजार होते हुए राठ रोड ओवर ब्रिज के नीचे तक सड़क का डामरीकरण, सुशील नगर, दयानंद वैदिक कॉलेज के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में दयानंद वैदिक कॉलेज के समीप नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे डामरीकरण सड़क निर्माण कार्य में मानक के विरुद्ध कार्य पाए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित नगर पालिका और विभागीय अधिकारी  को सड़क का पुनः निर्माण कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने 10 मार्च तक दुबारा सड़क निर्माण मानक के अनुरूप न करने पर दोषी अधिकारियों एवं ठेकदार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करके कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।

जांच में पाया गया कि सड़क निर्माण में निर्धारित बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) की मानक मात्रा का प्रयोग नहीं किया गया। इसके स्थान पर पीसी सामग्री का उपयोग किए जाने से भारी वाहन चलने सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने तथा अल्प समय में उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका व्यक्त की गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्य को तत्काल मानक के अनुरूप दोबारा कराया जाए।

उक्त कार्य नगर पालिका परिषद द्वारा ठेकेदार प्रमोद कुमार की फर्म प्रमोद कुमार यादव कॉन्ट्रैक्शन को डीवीसी से अजनारी फाटक क्रॉसिंग तक डामरीकरण हेतु आवंटित किया गया था।

परियोजना की कुल लागत जीएसटी सहित लगभग 38 लाख रुपये निर्धारित है। इतनी बड़ी धनराशि व्यय होने के बावजूद गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि सड़क का पुनर्निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया तो संबंधित ठेकेदार एवं उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही क्षम्य नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा कार्य पूर्ण होने से पूर्व तकनीकी परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और आम जनता को गुणवत्तापूर्ण सड़क एवं बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।