बांदा में मौरम कारोबारियों और ठेकेदारों पर ईडी-आयकर की बड़ी कार्रवाई, कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

जांच एजेंसियों के रडार पर शहर के आधा दर्जन से अधिक बड़े कारोबारी, बिजली ठेकेदार और मौरम कारोबार से जुड़े लोग हैं। अधिकारियों की टीम इनसे जुड़े बैंक लेनदेन, ठेकों और संभावित अवैध कमाई से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

बांदा में मौरम कारोबारियों और ठेकेदारों पर ईडी-आयकर की बड़ी कार्रवाई, कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट —

बांदा/जनमत न्यूज। चित्रकूट मंडल मुख्यालय बांदा में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब Enforcement Directorate (ईडी) और Income Tax Department की संयुक्त टीम ने शहर के कई बड़े कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। मनी लॉन्ड्रिंग और कथित काले धन के लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच के तहत यह कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई का मुख्य केंद्र कद्दावर मौरम कारोबारी सीरजध्वज सिंह और उनके भाई, पूर्व एमएलसी युवराज सिंह से जुड़े दफ्तर और प्रतिष्ठान हैं। जांच एजेंसियों की टीम ने उनके कार्यालयों और संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। छापेमारी के दौरान वित्तीय लेनदेन, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों के रडार पर शहर के आधा दर्जन से अधिक बड़े कारोबारी, बिजली ठेकेदार और मौरम कारोबार से जुड़े लोग हैं। अधिकारियों की टीम इनसे जुड़े बैंक लेनदेन, ठेकों और संभावित अवैध कमाई से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई में बाहरी जिलों और मुख्यालय से आई अधिकारियों की विशेष टीम शामिल है, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और गोपनीय बनी रहे। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संबंधित स्थानों पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध खनन से जुड़े आर्थिक लेनदेन और ठेकों में कथित अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल टीम द्वारा रिकॉर्ड खंगालने और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।

इस कार्रवाई के बाद बांदा और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों और व्यापारिक हलकों की नजर अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।