पंचनद से दिल्ली तक “जल सहेली यमुना यात्रा” का ऐतिहासिक शुभारंभ, लिया यमुना संरक्षण का संकल्प

यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने तथा उसके प्राकृतिक स्वरूप की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से जल सहेली फाउंडेशन एवं परमार्थ समाजसेवी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पंचनद (जगम्मनपुर) से दिल्ली तक 500 किलोमीटर लंबी “जल सहेली यमुना यात्रा” का गुरुवार को भव्य शुभारंभ किया गया।

पंचनद से दिल्ली तक “जल सहेली यमुना यात्रा” का ऐतिहासिक शुभारंभ, लिया यमुना संरक्षण का संकल्प
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई (जगम्मनपुर, जालौन)/ जनमत न्यूज़। यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने तथा उसके प्राकृतिक स्वरूप की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से जल सहेली फाउंडेशन एवं परमार्थ समाजसेवी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पंचनद (जगम्मनपुर) से दिल्ली तक 500 किलोमीटर लंबी जल सहेली यमुना यात्राका गुरुवार को भव्य शुभारंभ किया गया।

जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं समाजसेवियों ने हरी झंडी दिखाकर हजारों महिलाओं व पुरुषों के जत्थे को रवाना किया। यह पदयात्रा लगभग 30 दिनों तक चलेगी, जिसमें जल सहेलियां प्रतिदिन 15 से 17 किलोमीटर पैदल चलेंगी और 28 फरवरी को दिल्ली के वासुदेव घाट पहुंचेंगी।

यात्रा इटावा, बटेश्वर, आगरा एवं मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ और ऐतिहासिक नगरों से होकर गुजरेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी को सशक्त बनाना है।

शुभारंभ समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, महामंडलेश्वर साध्वी सरिता गिरी, “जल पुरुषडॉ. राजेंद्र सिंह, क्षेत्रीय विधायक मूलचंद सिंह निरंजन, भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी जालौन राजेश कुमार पांडे, पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि सभ्यता और संस्कृति की वाहक हैं। यमुना का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने कहा कि वर्तमान समय में यमुना तेजी से अपना प्राकृतिक स्वरूप खोती जा रही है। यह यात्रा केवल पदयात्रा नहीं, बल्कि समाज को नदी से जोड़ने का व्यापक अभियान है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

परमार्थ समाजसेवी संस्थान के डायरेक्टर संजय सिंह ने बताया कि यात्रा के दौरान यमुना तटों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया जाएगा तथा नदी चौपालों के माध्यम से स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित किया जाएगा।

विद्यालयों, महाविद्यालयों, युवाओं और विशेष रूप से महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह यात्रा देश की सबसे बड़ी महिला नेतृत्व वाली नदी पदयात्राओं में शामिल मानी जा रही है।

जल पुरुषडॉ. राजेंद्र सिंह ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अभियान के अंतर्गत यमुना किनारे बसे गांवों के लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना संरक्षण समितिका गठन एवं यमुना प्रहरी कैडरका निर्माण किया जाएगा, जिससे निरंतर जनभागीदारी के माध्यम से नदी संरक्षण का कार्य आगे बढ़ता रहे।

यात्रा से पूर्व हजारों लोगों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य यमुना आरती का आयोजन किया गया। शुभारंभ अवसर पर विधायक मूलचंद सिंह निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।