हरदोई में आईजी जोन किरण एस ने किया निरीक्षण, रात्रि चौपाल को बताया एक अच्छी पहल

हरदोई जनपद में निरीक्षण करने पहुंचे आईजी लखनऊ जोन किरण एस ने पुलिस की रात्रि चौपाल पहल की सराहना की और कहा कि यह सराहनीय पहल है।

हरदोई में आईजी जोन किरण एस ने किया निरीक्षण, रात्रि चौपाल को बताया एक अच्छी पहल
Published By- Diwaker Mishra

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट

हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई जनपद में निरीक्षण करने पहुंचे आईजी लखनऊ जोन किरण एस ने पुलिस की रात्रि चौपाल पहल की सराहना की और कहा कि यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सेंसिटिव तरीके से भी काम करना होता है और पुलिस लगातार काम कर रही है।

हरदोई पहुंचने पर एसपी अशोक कुमार मीणा ने अन्य अधिकारियों के साथ आईजी का स्वागत किया। पुलिस लाइन में आईजी को सलामी दी गयी इसके बाद आईजी ने निरीक्षण कर समीक्षा बैठक भी की।

आईजी ने कहा कि निरीक्षण किया गया है और राजपत्रित अधिकारियों से मीटिंग हुई, उसमें शासन की प्राथमिकताएं खासकर हमारे मिशन शक्ति केंद्र और महिला संबंधी अपराध में महिलाओं को जागरूक करना और उसमें संवेदन तरीके से कार्रवाई करना दूसरा ऑर्गेनाइज्ड क्राईम के खिलाफ काम करना जो सरकार की प्राथमिकता है के साथ ही साइबर क्राइम में और जो नया टेक्नोलॉजी यक्ष एप लाया है इन सब के बारे में बातचीत हुई है।

पुलिस द्वारा रात्रि चौपाल लगाई जा रही है इसको लेकर आईजी ने कहा कि पुलिस की रात्रि चौपाल अच्छी पहल है लेकिन सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा। पुराने अपराधियों को आईडेंटिफाई करना है और अब तो शहर बढ़ रहे है। गांव भी शहर बनते जा रहे हैं तो उनको भी चिन्हित करना है और लोगों को भी जागरूक करना है। रात्रि चौपाल अच्छी व्यवस्था है।

इनकाउंटर को लेकर आईजी ने कहा कि नागरिक सुरक्षा संहिता प्रोटेक्शन सभी को सुरक्षा का अधिकार देता है। पुलिस अधिकारियों को भी और सूचना देने वालों को भी। गोली जानबूझकर नहीं चलाते हैं लेकिन पुलिस के ऊपर अटैक किया जाए तो पुलिस अपने स्वयं को बचाने का अधिकार है।

वह कभी भी इंसान है अपने को जोखिम में डालकर पहले तो पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं अगर वह गोली मारते तो कभी-कभी हो जाता है तो इसमें नीति की तरह किया जा रहा है ऐसा कुछ नहीं है।

उन्होंने अपना मत व्यक्त किया और कहा कि सरकार की कई सारे योजनाएं कानून को लेकर के काम करने के लिए बनी। तीन चीज हुआ है एक तो पुलिस को जागरूक बनाने के लिए टास्क दिया गया, दूसरा पुलिस को सख्त निर्देश किया की छोटी सी छोटी घटनाओं की अनदेखी न करें और मौके पर पहुंचकर कार्यवाई करें। संसाधन काफी सारे हो गए।

आज पुलिस के पास मैनपावर बढ़ी है तो आज की डेट में पुलिस कर्मी आप भी देख रहे हो कि अलग-अलग स्पेशलिस्ट बड़े हैं। ऑर्गेनाइज्ड अन्य क्राइम में पुलिस को उसको ढंग से निपटने की ताकत मिलती है। यह सरकार की बैटिंग रहती है तभी होती है। कहाकि अगर सरकार न हो तो कौन गाड़ी देगा कौन मिशन शक्ति केंद्र संसाधन दे।