तराई में तेंदुओं का आतंक: 24 घंटे में दो अलग-अलग स्थानों पर दिखा वन्यजीव, ग्रामीणों में दहशत
पूर्व प्रधान हरिश्याम सिंह द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए की गई तारबंदी में एक तेंदुआ फंस गया। सुबह ग्रामीणों की नजर जानवर पर पड़ते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर बरहवां रेंज की वन विभाग टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा मानकों का अनुपालन करते हुए तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया।
बलरामपुर से गुलाम नबी की रिपोर्ट —
बलरामपुर/जनमत न्यूज। जनपद के महराजगंज तराई क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों के भीतर तेंदुओं द्वारा दो अलग-अलग गांवों में खेतों और आबादी के आसपास पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है।
पहली घटना ग्राम बरगदही की है, जहां खेत मालिक एवं पूर्व प्रधान हरिश्याम सिंह द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए की गई तारबंदी में एक तेंदुआ फंस गया। सुबह ग्रामीणों की नजर जानवर पर पड़ते ही अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर बरहवां रेंज की वन विभाग टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा मानकों का अनुपालन करते हुए तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही।
दूसरी घटना बेला क्षेत्र के कौवा गांव में हुई, जहां किसान गोबरे पर एक तेंदुए ने हमला करने की कोशिश की। अचानक हुए हमले से गांव में हड़कंप मच गया। हल्ला-गुहार के बीच एक तेंदुआ भाग निकला जबकि दूसरा खेत में लगे जाल में फंस गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि घटना का 45 सेकेंड का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें तेंदुआ साफ नजर आता है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी ने खेतों की सुरक्षा और रात के समय निगरानी को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। लोगों को अपनी सुरक्षा और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है।
वन विभाग ने अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर अफवाह न फैलाएं, भीड़ जमा न होने दें और तुरंत स्थानीय वन अधिकारियों को सूचना दें। साथ ही विभाग ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने एवं निगरानी तेज करने की बात कही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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