मथुरा जिला जज ने दरिंदे को सुनाई फांसी की सजा, रिश्ते की बहन को जलाया था जिंदा
उप्र के मथुरा जनपद में रिश्तों को कलंकित करने वाले एक दरिंदे को जिला जज की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।
मथुरा से सैयद जाहिद की रिपोर्ट
मथुरा/जनमत न्यूज़। उप्र के मथुरा जनपद में रिश्तों को कलंकित करने वाले एक दरिंदे को जिला जज की अदालत ने मौत की सजा सुनाई है।
यह रूह कंपा देने वाली घटना 11 मार्च 2025 की है जब हरियाणा के पलवल (थाना हसनपुर) का रहने वाला उमेश, मथुरा के फरह थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में अपनी रिश्ते की बहन (जेठानी की देवरानी) के घर महिला के कपड़े पहनकर कर पहुंचा था। आरोपी उमेश दुपट्टा ओढ़कर और महिला का वेश धारण कर उसने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था।
जब महिला ने कड़ा विरोध किया, तो हैवान बने उमेश ने उस पर ज्वलनशील पेट्रोलियम पदार्थ डालकर आग लगा दी। आग लगने से महिला की चीखें सुनकर जब परिजन उसे बचाने दौड़े, तो उमेश छत से कूद गया जिससे उसके सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं।
गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने अदालत में प्रभावी पैरवी की।
जिला जज विकास कुमार की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को देखने के बाद उमेश को दोषी करार दिया। अदालत ने फैसले में साफ किया कि ऐसे जघन्य कृत्य करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है और उसे फांसी की सजा सुनाई।


