मुजफ्फरनगर: किराया विवाद के बीच जीवन दाता हॉस्पिटल पर लगा ताला, मरीजों की मौजूदगी में कार्रवाई से उठे सवाल

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित अलमासपुर चौक पर उस समय हड़कंप मच गया, जब किराया विवाद को लेकर संचालित जीवन दाता हॉस्पिटल पर बिल्डिंग मालिक पक्ष द्वारा ताला लगाए जाने का मामला सामने आया।

मुजफ्फरनगर: किराया विवाद के बीच जीवन दाता हॉस्पिटल पर लगा ताला, मरीजों की मौजूदगी में कार्रवाई से उठे सवाल

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित अलमासपुर चौक पर उस समय हड़कंप मच गया, जब किराया विवाद को लेकर संचालित जीवन दाता हॉस्पिटल पर बिल्डिंग मालिक पक्ष द्वारा ताला लगाए जाने का मामला सामने आया।

घटना के बाद मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और सूचना मिलने पर 112 पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। बाद में मामला नई मंडी थाने तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बातें रखी गईं।

जानकारी के अनुसार अलमासपुर चौक स्थित किराए की बिल्डिंग में जीवन दाता हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा था। बिल्डिंग मालिक पक्ष का आरोप है कि लंबे समय से किराया नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने अस्पताल परिसर पर ताला लगाने की कार्रवाई की।

वहीं इस दौरान मालिक पक्ष की ओर से अस्पताल पर कई गंभीर आरोप भी लगाए गए। आरोपों में अस्पताल की आड़ में अनैतिक गतिविधियां चलाने और एक्सपायरी दवाइयों के इस्तेमाल जैसी बातें भी शामिल बताई जा रही हैं।

हालांकि अस्पताल पक्ष इन आरोपों को निराधार बता रहा है। सूत्रों के मुताबिक जिस समय अस्पताल पर ताला लगाया गया, उस समय अंदर मरीज भी मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

यही बात अब पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यदि अस्पताल में मरीज मौजूद थे तो ऐसी स्थिति में सीधे ताला लगाने की कार्रवाई किस अधिकार के तहत की गई।

मौके पर पहुंची 112 पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और बाद में दोनों पक्षों को नई मंडी थाने भेजा गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

वहीं अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस इस पूरे प्रकरण को किस नजरिए से देखते हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

घटना के बाद क्षेत्र में अस्पताल की कार्यप्रणाली, किराया विवाद और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई हो।