SGPGI के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में एकसाथ मिलेंगी सभी सुविधाएं, निदेशक के प्रयासों से जल्द पूरा होगा निर्माण
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) में लगभग ₹500 करोड़ से अधिक की लागत से एक अत्याधुनिक एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर स्थापित किया जा रहा है,
लखनऊ से रजनीश छवि की विशेष रिपोर्ट
लखनऊ/जनमत न्यूज़। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) में लगभग ₹500 करोड़ से अधिक की लागत से एक अत्याधुनिक एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जो देश का पहला ऐसा संस्थान होगा, जिसमे सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
वैसे देखा जाय तो देश व प्रदेश में कई अच्छे सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल हैं लेकिन ख़ास तौर पर बच्चों के लिए SGPGIMS में बनाया जा रहा यह अत्याधुनिक एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
योगी सरकार की पहल व SGPGI के निदेशक प्रोफेसर आर.के. धीमान अथक प्रयासों से निर्माणाधीन पीडियाट्रिक सेंटर के पूरी तरह के शुरू होने के बाद बच्चों से संबंधित किसी भी बीमारी को लेकर लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें सभी सुविधा यहां मिल जाएगी।
इस सम्बन्ध में SGPGI के निदेशक प्रोफेसर आर.के. धीमान ने जनमत न्यूज़ के राज्य ब्यूरो चीफ अभिलाष भट्ट से एक बातचीत में बताया कि 22 अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसकी आधारशिला रखी गई थी और हमें बताते हुए ख़ुशी हो रही है कि निर्धारित समय से पूर्व ही हम इसके निर्माण का कार्य पूरा करने में सफल होंगे।
प्रो. धीमान ने बताया कि 575 बिस्तरों वाले इस केंद्र में भ्रूण से लेकर बच्चों की सभी बीमारियों का इलाज, आईसीयू (NICU/PICU) और हार्ट सर्जरी जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
यह विश्वस्तरीय केंद्र होगा, जिसमें 20 से अधिक विभागों के माध्यम से बच्चों के हार्मोनल विकार, मधुमेह, जेनेटिक्स, न्यूरोलॉजी और हृदय रोगों (सलोनी हार्ट सेंटर के माध्यम से) का इलाज किया जाएगा।
प्रो. धीमान ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री जी बच्चों के प्रति कितने संवेदनशील हैं यह तो हम जानते ही हैं। वो जब भी कहीं जाते है तो बच्चों के प्रति उनका प्यार दुलार सबको दिखाई देता है।
प्रो. धीमान ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जापानी इंसेफ्लाइटिस के खिलाफ उन्होंने युद्धस्तर पर काम किया और आज जापानी इंसेफ्लाइटिस पूर्वांचल से समाप्त हो गई, जिससे हर वर्ष बड़ी संख्या में बच्चों की मौत होती थी।
प्रोफेसर आर.के. धीमान ने इस निर्माणाधीन एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर के बारे में बताया कि पीजीआई की 104वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में सेंटर के लिए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के पदों की मंजूरी दे दी गई। इसमें 131 डॉक्टर, 483 रेजिडेंट डॉक्टर्स, 1540 नर्स और टेक्नीशियन, 160 आउटसोर्सिंग स्टाफ के पद शामिल हैं। ऐसे में हम कह सकते हैं कि इस एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों कोई कमी नहीं होगी।
एसजीपीजीआई के निदेशक ने कहा कि पीडियाट्रिक एडवांस सेंटर को विश्वस्तरीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कोशिश है कि विकसित देशों में जैसी उपचार की सुविधा प्रदेश के बच्चों को भी मिले सके। इसके लिए तैयार परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और हम इसे समय से पूर्व पूरा करने में सफल होंगे।

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