बरेली जिला चिकित्सालय बना राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार, सरकार की छवि धूमिल करने पर हैं आमादा
उप्र का बरेली जिला चिकित्सालय भी राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बन गया है, जहां के आपातकालीन विभाग में छाए सन्नाटे को लेकर फेंके गए तुरुप के पत्ते फेल हो गए। मामले की तह में जाकर जनमत न्यूज चैनल टीम ने पूरे खेल के राज खोले हैं।
बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट
बरेली/जनमत न्यूज़। उप्र का बरेली जिला चिकित्सालय भी राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार बन गया है, जहां के आपातकालीन विभाग में छाए सन्नाटे को लेकर फेंके गए तुरुप के पत्ते फेल हो गए। मामले की तह में जाकर जनमत न्यूज चैनल टीम ने पूरे खेल के राज खोले हैं।
बता दें कि “इलाज नहीं मिलना है तो घर पर ही मर जाए।” बुजुर्ग की आवाज में कहलवाया गया बेबसी और गुस्सा का यह वीडियो बरेली के जिला अस्पताल में शूट कराया गया, जहां एक बुजुर्ग अपनी पत्नी को इलाज के लिए लेकर जाता है।
जब घंटों उसे इलाज नहीं मिलता तो वो थक हार कर रिक्शे से वापस घर ले जाता है, जबकि सिर्फ़ 10 मिनट में यह सेट लगाया और एक्शन रोल कर पूरी फिल्म रन के लिए तैयार दी गई।
जहां प्रदेश की योगी सरकार ने गरीबों के हितार्थ मुफ्त स्वास्थ्य कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं वही दूसरी ओर सरकारी मुलाजिम ही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को गरीबों को मुहैया कराने के नाम पर राजनीतिक रंग दिलवाकर चंद मौका परस्त लोग सरकार की छवि धूमिल करने पर आमादा हैं।
आए दिन प्रदर्शित हो रहीं षड्यंत्रवश ऐसी घटनाएं सरकारी तंत्र को ही आईना दिखाने का काम करने की पुरजोर कोशिश में जुटी हैं ताकि लोगों के दिलों में सरकारी तंत्र के प्रति भी जहर घोल सकें, और इसी आड़ में अपना नेटवर्क मजबूत कर सकें।

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