चंदौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट —
चन्दौली/जनमत न्यूज। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में जीटी रोड चौड़ीकरण अभियान को लेकर व्यापारियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को पूर्व सांसद रामकिशुन और बाबूलाल यादव व्यापारियों के साथ पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने राजेश कुमार और अनुपम मिश्रा को दिए गए ज्ञापन में मांग की कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जिन दुकानदारों और व्यापारियों को हटाया जा रहा है, उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही जिनकी दुकानों और भवनों को ध्वस्त किया गया है, उन्हें उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पड़ाव से लेकर मुगलसराय होते हुए गोधना मोड़ तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत बाजार क्षेत्र में लगभग 800 मीटर तक दोनों ओर बने कुछ स्ट्रक्चर सड़क निर्माण में बाधा बन रहे थे, जिन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, व्यापारियों और संबंधित पक्षों की सहमति से पिछले करीब 10 दिनों से अभियान शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है। आज कुछ व्यापारी अपनी मांगों को लेकर कार्यालय पहुंचे थे, जिन्हें लिखित रूप में आवेदन देने को कहा गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर नियमानुसार समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्व सांसद रामकिशुन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि व्यापारियों को उजाड़ा जा रहा है तो उनके पुनर्वास की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नगरपालिका की उपलब्ध जमीन पर मार्केट बनाकर प्रभावित व्यापारियों को दुकानें आवंटित की जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर छोटे व्यापारियों की दुकानों पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर कुछ खास लोगों को सरकारी जमीनों पर अवैध तरीके से बसाया जा रहा है। उन्होंने चकिया तिराहा और मुगलसराय-चंदौली मार्ग का जिक्र करते हुए कहा कि वहां व्यापारियों को हटाने के बाद कुछ लोगों को लोहे की गुमटियां आवंटित की जा रही हैं।
पूर्व सांसद ने स्थानीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता को सिक्स लेन सड़क परियोजना के नाम पर गुमराह किया जा रहा है और वास्तविक स्थिति कुछ अलग है।
फिलहाल व्यापारियों की मांगों को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच वार्ता जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।