पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़, वायरल वीडियो से उठे कई सवाल

वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रकरण को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर मामले की वास्तविक सच्चाई क्या है

पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़, वायरल वीडियो से उठे कई सवाल
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज। मुजफ्फरनगर में पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोप लगाने वाला व्यक्ति यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि “जो कह दिया वही सत्य, बाकी सब झूठ।”

वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रकरण को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर मामले की वास्तविक सच्चाई क्या है और क्या किसी अधिकारी को साजिश के तहत झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की गई।

गौरतलब है कि मामले का संज्ञान लेते हुए उमेश मिश्रा ने पहले ही आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर से हटाकर जिला पूर्ति कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच जारी है।

अब इस पूरे प्रकरण को लेकर कई बड़े सवाल उठ रहे हैं। यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं, तो क्या निर्दोष अधिकारी को न्याय मिलेगा? क्या झूठे आरोप लगाकर साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी? और क्या सच्चाई सामने आने के बाद आशीष श्रीवास्तव की दोबारा तहसील सदर में तैनाती की जाएगी?

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि किसी भी अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश प्रशासनिक व्यवस्था और निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर उचित कार्रवाई बेहद जरूरी मानी जा रही है।