जालसाजी से फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त

पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ताजा कार्रवाई में दो इनामी आरोपियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जालसाजी से फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

बांदा से आशीष सागर दीक्षित की रिपोर्ट —

बांदा/जनमत न्यूज। जनपद बांदा में पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीनों की अवैध रजिस्ट्री कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में थाना मटौंध पुलिस ने इस गिरोह में शामिल 25-25 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों सहित चकबंदी लेखपाल समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टाक के पर्यवेक्षण में 2 अप्रैल 2026 को यह कार्रवाई की गई। आरोपियों द्वारा फर्जी गवाहों और नकली विक्रेताओं की मदद से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आम लोगों की जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री कराई जा रही थी।

मामले की शुरुआत तब हुई जब थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के खुटला निवासी देबिया पुत्र चैतुवा ने 12 फरवरी 2026 को थाना मटौंध में शिकायत दर्ज कराई कि 6 अगस्त 2025 को उनकी करीब 34 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई। शिकायत में बताया गया कि हटेटी पुरवा स्थित जमीन को योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड के माध्यम से बिजली खेड़ा निवासी आजम खान के नाम कर दिया गया।

जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना राजेश अपने साथियों हरीकरन, अनिल, रज्जू, खेमराज और केदार के साथ मिलकर जमीनों की फर्जी खरीद-बिक्री का नेटवर्क चलाता था। गिरोह के सदस्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने, पैसों के लेन-देन और फर्जी गवाह व विक्रेता उपलब्ध कराने का काम करते थे।

इस गिरोह को चकबंदी लेखपाल विजय प्रकाश द्वारा भी सहयोग दिया जाता था। वह ऐसी जमीनों की जानकारी उपलब्ध कराता था जिनके मालिक की मृत्यु हो चुकी हो, जिनका कोई वारिस न हो या जिनके मालिक आर्थिक रूप से कमजोर हों। इसके अलावा वह जमीन से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि करछा निवासी श्रीराम अपनी दुकान श्रीराम मोबाइल प्वाइंट से फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करता था, जिनका इस्तेमाल जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने में किया जाता था।

पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ताजा कार्रवाई में दो इनामी आरोपियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड बनाने के उपकरण, दो लैपटॉप, एक सीपीयू, एक कलर प्रिंटर, 38 लाख रुपये के छह चेक, जमीन की रजिस्ट्री की प्रतियां, 41 आधार कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, एक वोटर कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह द्वारा सुनियोजित तरीके से जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री कराकर लोगों को ठगा जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना मटौंध में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।