उरई: अयोध्या से लौट रहे भक्तों की गाड़ी ट्रक में घुसी, 8 की मौत; 2 गंभीर घायल

उप्र के उरई जनपद के कालपी कोतवाली के अंतर्गत चौरासी गुम्बद पर सोमवार सुबह झांसी-कानपुर हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में अयोध्या से रामलला के दर्शन कर लौट रहे 10 श्रद्धालुओं की तेज रफ़्तार टवेरा पीछे से ट्रक में घुस गई जिससे 8 लोगों की जान चली गई।

उरई: अयोध्या से लौट रहे भक्तों की गाड़ी ट्रक में घुसी, 8 की मौत; 2 गंभीर घायल
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद के कालपी कोतवाली के अंतर्गत चौरासी गुम्बद पर सोमवार सुबह झांसी-कानपुर हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में अयोध्या से रामलला के दर्शन कर लौट रहे 10 श्रद्धालुओं की तेज रफ़्तार टवेरा पीछे से ट्रक में घुस गई जिससे 8 लोगों की जान चली गई।

दो गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को उपचार के लिए उरई मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया। इसमें से तीन लोगों की हालत गम्भीर होने की वजह से कानपुर रिफर किया गया है। सभी ललितपुर के महरौनी निवासी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। भीषण टक्कर व सीट बेल्ट न लगाने की वजह से एयरबैग नहीं खुले ।

हादसा सुबह करीब 6 बजे उस वक्त हुआ, जब शशिकांत तिवारी (49) अपने परिजनों के साथ अयोध्या से दर्शन कर वापस ललितपुर लौट रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कालपी के जोल्हुपुर मोड़ के पास ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई, जिससे कार अनियंत्रित होकर आगे जा रहे ट्रक में घुस गई ।

रफ्तार अधिक होने की वजह से टक्कर इतनी भीषण थी कि टवेरा के परखच्चे उड़ गए। सूत्रों के मुताबिक, सभी सवारों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, जिससे वाहन में लगे एयरबैग एक्टिवेट नहीं हो सके। यही लापरवाही जानलेवा साबित हुई।

हादसा इतना भयानक था कि मलबे में दबे लोग करीब 20 मिनट तक कार के केबिन में फंसे और तड़पते रहे। आनन फानन में गैस कटर से दरवाजा काटा गया इसके बाद लोगों को निकाल सके। कुछ घायलों को निकालने में करीब एक घंटा लग गया। सूचना पर पहुंची

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार में फंसे लोगों को निकालने का बंदोबस्त किया जिसमें  चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि चार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

मृतकों में शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत नायक, दीपक तिवारी,  ब्रजभूषण तिवारी, स्वामीप्रसाद तिवारी, मनोज भोंडल और देशराज नामदेव उमेश तिवारी बताए जा रहे हैं। जबकि घायलों में हरिमोहन, अंशुल तिवारी का उपचार कानपुर में चल रहा है, सभी एक ही परिवार के हैं।

घटना के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने मौके का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि 8 लोगों की मौत हुई है और 2 का उपचार हेलट कानपुर में चल रहा है।

मगर एक ओर जहां हादसे में दर्द था, वहीं मेडिकल कॉलेज पहुंची एम्बुलेंस के बाहर वार्ड बॉय न होने के कारण घायल करीब 10 मिनट तक एम्बुलेंस में ही तड़पते रहे।

बाद में लोगों ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए और  घायलों के बेहतर इलाज के आदेश दिए हैं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।