अयोध्या राममंदिर चंदा गबन मामले में सियासत तेज, पूर्व राज्य मंत्री ने अखिलेश यादव को सही ठहराया
अयोध्या के राममंदिर चंदा गबन मामले में सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडे ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर अखिलेश यादव के ट्वीट को सही ठहराया।
अयोध्या से आज़म खान की रिपोर्ट
अयोध्या/जनमत न्यूज़। अयोध्या के राममंदिर चंदा गबन मामले में सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य मंत्री पवन पांडे ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर अखिलेश यादव के ट्वीट को सही ठहराया।
उन्होंने कहा था कि ट्रस्ट में चोरी हो रही है। लोगों के साथ खिलवाड़ हो रहा है और उसके प्रमाण मिले। जिसमें 8 लोग जेल चले गए। चम्पत राय व अनिल मिश्रा गोपाल राव बाहर कर दिए गए।
अखिलेश यादव ने जो बात कही थी वो सच साबित हुई कि मंदिर में चोरी हो रही है। मंदिर के कोष व चढ़ावे के साथ लूट का प्रमाण भी मिला और सब बाहर हो गए। अब ये बात भाजपा व आरएसएस के लोगों को बुरा लगा कि अखिलेश यादव ने ये बात खोल दिया। चोरी अखिलेश यादव जी के द्वारा पकड़ ली है ये बात भाजपा को बहुत बुरा लग गया।
तेज नारायण पाण्डेय ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अयोध्या के कथित चढ़ावा गड़बड़ी मामले के आरोपी टिन्नू यादव को लेकर सोशल मीडिया पर दावे किए थे।
इसे लेकर समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि यह उनके नेतृत्व और PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) सामाजिक गठबंधन को बदनाम करने की एक राजनीतिक साजिश है।
कार्रवाई की मांग
तेज नारायण पाण्डेय और सपा कार्यकर्ताओं ने इस भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट का कड़ा विरोध करते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने सांसद दुबे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
अखिलेश यादव का अल्टीमेटम
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी निशिकांत दुबे को चेतावनी देते हुए अपनी पोस्ट हटाने के लिए 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया था।
तेज नारायण पाण्डेय ने कहा कि निशिकांत दुबे इसका प्रमाण दे नहीं तो माफी मांगे। इस मामले में समाजवादी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बीजेपी सांसद को औपचारिक रूप से मानहानि का कानूनी नोटिस भी भेज दिया है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी पर उन्होंने कहा कि गोविंद देव गिरी सबको सर्टिफिकेट तो बांट रहे हैं। इनका सर्टिफिकेट कौन बांटेगा? इनके कोषाध्यक्ष रहते हुए भी कोष लुट गए है। कोष में डकैती पड़ गई। वही गोविंद देव महाराज को भी इस्तीफा देना चाहिए।


