5 साल बाद मिला था कब्ज़ा, 10 जनवरी 2026 को पटवारी ने बहा दी खड़ी गेहूं की फसल !
जनपद के बघरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत मौजा धौलड़ा से प्रशासनिक मनमानी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब किसान की पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिली जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल को..........
जनमत न्यूज़; मुज़फ्फरनगर जनपद के बघरा तहसील क्षेत्र अंतर्गत मौजा धौलड़ा से प्रशासनिक मनमानी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक गरीब किसान की पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिली जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल को 10 जनवरी 2026 को पटवारी मनीष कुमार द्वारा बिना पैमाइश और बिना किसी आदेश के बहा दिए जाने का आरोप लगा है।
पीड़ित किसान राज सिंह पुत्र लच्छी, निवासी ग्राम धौलड़ा, का कहना है कि उसे चकबंदी व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिस की मौजूदगी में गाटा संख्या 762 व 771M (रकबा 0.2201 हेक्टेयर) पर विधिवत कब्ज़ा दिलाया था। कब्ज़ा दिलाते समय किसान ने विपक्षियों को सरकारी कर्मचारियों के सामने फसल का मुआवज़ा भी दिया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है।
इसके बावजूद 10 जनवरी 2026 को पटवारी मनीष कुमार ने किसी प्रकार की पैमाइश कराए बिना किसान की जमीन पर ट्रैक्टर चलवाकर खड़ी गेहूं की पूरी फसल नष्ट करवा दी। किसान का आरोप है कि जिस जमीन की पैमाइश होनी थी वह दूसरे चक की थी, जबकि कार्रवाई जानबूझकर उसकी जमीन पर की गई। विरोध करने पर किसान को जेल भेजने की धमकी भी दी गई
किसान का कहना है कि सही पैमाइश होती तो उसका पूरा रकबा सुरक्षित रहता और रास्ता भी निकल सकता था, लेकिन गलत कार्रवाई से उसकी पूरी आजीविका उजड़ गई। पीड़ित ने मामले को लेकर जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर को प्रार्थना पत्र देकर स्थलीय जांच, दोषी पटवारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, फसल नुकसान का मुआवज़ा और पूरे चक की निष्पक्ष पैमाइश की मांग की है।
यह मामला अब गरीब किसान के अधिकार, प्रशासनिक जवाबदेही और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन पीड़ित को न्याय दिलाता है या फिर गरीब की मेहनत यूँ ही रौंदी जाती रहेगी

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