प्रतापगढ़: शादी की सालगिरह के दिन उजड़ा परिवार, गुजरात में ड्यूटी पर गए इंजीनियर की रहस्यमयी मौत

उप्र के प्रतापगढ़ जनपद से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लगभग 2 माह पहले, 30 जनवरी 2026 को गुजरात में ड्यूटी पर गए एक इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई ।

प्रतापगढ़: शादी की सालगिरह के दिन उजड़ा परिवार, गुजरात में ड्यूटी पर गए इंजीनियर की रहस्यमयी मौत
Published By- Diwaker Mishra

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़ उप्र के प्रतापगढ़ जनपद से आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लगभग 2 माह पहले, 30 जनवरी 2026 को गुजरात में ड्यूटी पर गए एक इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई ।

हैरानी की बात यह है कि जिस दिन यह घटना हुई, उसी दिन उसकी शादी की सालगिरह भी थी।परिवार के साथ खुशियाँ मनाने की तैयारी कर रहे युवक की अचानक मौत ने, पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

मृतक इंजीनियर देव प्रकाश शर्मा प्रतापगढ़ शहर के अचलपुर (जेल के पीछे ) स्थित मुहल्ले के निवासी  शिव दुलार शर्मा का बेटा था,जो पोलैंड की एक निजी कंपनी क्लिमस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जिसका सुप्रीम मुख्यालय 507, 05वी मंजिल पुणे बैंगलोर हाइवे बानेर पुणे महाराष्ट्र में स्थिति है, जिसमे वह स्पेशफिकेशन मैंनेजर पद पर कार्यरत था।

बताया जाता है कि वह अपनी पत्नी और 7 माह की मासूम बेटी को छोड़कर घर से रोज की तरह, उस दिन भी निर्माता बिल्डिंग शिल्प सेंट्रिका गिफ्ट सिटी गांघी नगर गुजरात में काम पर गया था, लेकिन फिर वह कभी लौटकर घर नहीं आया।

परिवार का आरोप है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है। परिजनों का यह भी कहना है कि मृतक इंजीनियर का कंपनी प्रबंधन, इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। प्राथमिकी केवल एक पक्ष के खिलाफ दर्ज की गई, जबकि अन्य संदिग्धों के नाम जानबूझकर उसमें शामिल नहीं किए गए।

इससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक इंजीनियर की पत्नी और परिजन लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे न्याय की मांग करते रहेंगे।

परिवार ने निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की भी मांग की है। इस मामले में गुजरात पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान, परिजन उठा रहे हैं।

आखिर क्यों घटना की पूरी सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही ? क्या कोई बड़ा राज छिपाया जा रहा है ? यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि सिस्टम पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

अब देखना यह है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है। यह सिर्फ एक खबर नहीं, यह एक परिवार की टूटती उम्मीदों की कहानी है।