राकेश टिकैत की SC से मांग- देश में बने एक कानून ताकि कोई PM न करे चुनाव प्रचार

उप्र के मिर्जापुर जनपद पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व किसान नेता चौधरी राकेश सिंह टिकैत ने प्रधानमंत्री की विधानसभा चुनाव प्रचार को लेकर ताबड़तोड़ सभाओं पर निशाना साधा।

राकेश टिकैत की SC से मांग- देश में बने एक कानून ताकि कोई PM न करे चुनाव प्रचार
Published By- Diwaker Mishra

मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट

मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व किसान नेता चौधरी राकेश सिंह टिकैत ने प्रधानमंत्री की विधानसभा चुनाव प्रचार को लेकर ताबड़तोड़ सभाओं पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा वह देश के प्रधानमंत्री हैं किसी पार्टी की नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से देश में एक कानून की जरूरत है कि जो प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति बन जाए वह किसी चुनाव या पार्टी में न जाए। जिस तरह से प्रधानमंत्री बयान बाजी कर रहे हैं फिर वह प्रधानमंत्री का पद छोड़ दें अपना वर्कर बनकर काम करें।

उन्होंने कहा आने वाले समय में खाद की भी समस्या हो सकती है। पुराने पद्धति पर लोगों को लौटाना पड़ेगा। गाय की उपयोगिता को समझना चाहिए। जिस तरह से खाप पंचायत ने निर्णय लिया है उसी तरह 13वीं का भोज किसी को नहीं करवाना चाहिए। बेकार के खर्चे को नहीं करना चाहिए।

मिर्जापुर जिले के अहरौरा धुरिया गांव पहुंचे राकेश टिकैत ने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह की पत्नी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित किए।

आवारा पशुओं की समस्या को लेकर किसान नेता ने कहा यह पूरे देश भर की समस्या है। गाय से खेती हो सकती है उसका जो पेशाब गोबर है इसका प्रयोग किया जा सकता है। जो गाय दूध नहीं दे रही उससे और अच्छी खेती होती है।

आंधी पानी से हुए देश के किसानों के नुकसान को लेकर कहा कि हमने कहा है पूरे देश को एकड़ में विभाजित कर दिया जाय उसका एकड़ का नंबर दे दिया जाय जो खेत का नुकसान हो उसकी भरपाई किया जाय।

वही अहरौरा टोल प्लाजा की समस्या को लेकर कहा बहुत बड़ा इशू टोल प्लाजा रहा है। 80 दिन से ज्यादा लोगों ने धरना दिया था। दिल्ली तक बात गई लेकिन कंपनी एनएचएआई, सरकार सब मिले हुए हैं। सब जनता को लूटना चाहती हैं, यहां के सांसद और अधिकारियों से बात करेंगे इस बात को लेकर प्रमुखता से उठाएंगे।

शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद चौधरी राकेश सिंह टिकैत ने कहा कोई सदस्य जाए वह दुखद घटना होती है। वह किसी न किसी संस्था से जुड़े रहते हैं। उसके जाने का पर संस्था का भी नुकसान होता है। जब पूरा परिवार दुखी रहता है तब ठीक से काम नहीं कर पता है।

इनका 19 तारीख को शोकसभा है जो खाप पंचायत में निर्णय हुए हैं,एक तरफ रो रहे हैं लोग दूसरे तरफ पकवान बन रहा है इस पर पाबंदी होनी चाहिए।

प्रहलाद सिंह ने कहा है इस पर पूर्ण रूप से पाबंदी होनी चाहिए। यह एक शुरुआत है ,यहां पर जिसका जन्म हुआ है वह जाएगा। बेकार का खर्च हमें बंद करने होंगे,यह गलत परंपरा है अपने घर जाकर खाएं।