संभल: पति पर एसिड अटैक करने वाली पत्नी को उम्रकैद की सजा, अवैध संबंधों का करता था विरोध

उप्र के संभल जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति पर एसिड अटैक के मामले में अभियुक्त महिला कहकशा को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

संभल: पति पर एसिड अटैक करने वाली पत्नी को उम्रकैद की सजा, अवैध संबंधों का करता था विरोध
Published By- Diwaker Mishra

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति पर एसिड अटैक के मामले में अभियुक्त महिला कहकशा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त कहकशा ने प्रेमी के साथ अवैध संबंधों का विरोध करने पर अपने पति मुजफ्फर अली पर सोते समय तेजाब से भरी बाल्टी उसके चेहरे पर उड़ेल दी थी।

तेजाब के हमले से मुजफ्फर अली की दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी और उसका 60 फीसदी शरीर भी झुलस गया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एसिड अटैक की आरोपी कहकशा को जेल भेज दिया।

पूरा मामला उप्र के संभल जनपद के थाना नखासा क्षेत्र के एक गांव का है। संभल में पति की आंखों में तेजाब डालने वाली पत्नी को संभल की अदालत ने सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने उस पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में एक वर्ष से अधिक समय के दौरान 10 सुनवाई हुईं। तेजाब हमले से एक दिन पहले पत्नी ने पति को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश भी की थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल जी ने आरोपी पत्नी कहकशा को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।

मामला 7 मार्च 2025 का है। उस दिन पति मुजफ्फर अली ने पत्नी कहकशा को घर में उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ लिया था। इसके बाद कहकशा ने रात में सोते समय पति के चेहरे और आंखों पर तेजाब डाल दिया।

हमले में मुजफ्फर अली का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। उसके कंधे और शरीर के अन्य हिस्से भी गंभीर रूप से झुलस गए।

उसका करीब छह महीने तक दिल्ली के अस्पताल में इलाज चला, लेकिन उसकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी। मामला संभल सदर कोतवाली क्षेत्र का है। सजा सुनाए जाने के बाद कहकशा अदालत में फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में वह चेहरा छिपाकर अदालत परिसर से बाहर निकली।

एक महिला कांस्टेबल उसके साथ मौजूद रही। अदालत के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान पीड़ित मुजफ्फर अली भी अपनी मां के साथ अदालत पहुंचा था। झुलसने के कारण उसने अपना चेहरा तौलिए से ढक रखा था।

सरकारी पक्ष के अधिवक्ता ने नरेंद्र यादव बताया कि कहकशा और मुजफ्फर अली का प्रेम विवाह हुआ था। निकाह के बाद दोनों संभल की एक मस्जिद के पास स्थित मकान में रहते थे। विवाह के बाद कहकशा की कुछ लोगों से फोन पर बातचीत को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।

अधिवक्ता के अनुसार, घटना वाली रात कहकशा ने सो रहे मुजफ्फर अली पर तेजाब डाल दिया। जब वह दर्द से तड़पते हुए भागने का प्रयास करने लगा, तब भी आरोपी महिला बाल्टी में रखा तेजाब उसके चेहरे और आंखों पर डालती रही।

उन्होंने बताया कि पीड़ित की दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है और वह आज भी गंभीर शारीरिक समस्याओं से जूझ रहा है। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। इस प्रकरण की निगरानी प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही थी। सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी की गई।

अधिवक्ता ने बताया कि केवल 10 सुनवाई में मुकदमे का ट्रायल पूरा हुआ और अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 1.75 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई।