रायबरेली: कागजों में चकमार्ग, जमीन पर गायब! आरटीआई ने खोली राजस्व विभाग की पोल
उप्र के रायबरेली जनपद की सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम लोधवारी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद की सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम लोधवारी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी में खुलासा हुआ है कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज चकमार्ग का जमीन पर कोई अस्तित्व नहीं है।
आरटीआई के जवाब में लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार गाटा संख्या 2292/0.1720 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में चकमार्ग के रूप में दर्ज है लेकिन जब मौके पर स्थलीय निरीक्षण किया गया तो वहां चकमार्ग का कोई निशान तक नहीं मिला।
हैरानी की बात यह है कि लेखपाल की रिपोर्ट में भी इस तथ्य की पुष्टि की गई है कि अभिलेखों में दर्ज चकमार्ग जमीन पर मौजूद नहीं है। इस खुलासे के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
ग्रामीणों का कहना है कि आखिर सरकारी कागजों में दर्ज चकमार्ग जमीन से कैसे गायब हो गया। लोगों ने आशंका जताई है कि कहीं चकमार्ग पर अवैध कब्जा तो नहीं कर लिया गया या फिर राजस्व रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी की गई है।
मामले ने सरकारी अभिलेखों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चकमार्ग गायब होने का जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों ने वर्षों तक इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया।
ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा चकमार्ग की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। आरटीआई से हुए इस खुलासे ने एक बार फिर राजस्व विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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