हाथरस: स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फूटा लोगों का आक्रोश, बैठे अनिश्चितकालीन धरने पर

उप्र के हाथरस जनपद में आज 2 जून से जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के खिलाफ जनआक्रोश खुलकर सामने आ गया है।

हाथरस: स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फूटा लोगों का आक्रोश, बैठे अनिश्चितकालीन धरने पर
Published By- Diwaker Mishra

हाथरस से होमेश मिश्रा की रिपोर्ट

हाथरस/जनमत न्यूज़। उप्र के हाथरस जनपद में आज 2 जून से जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के खिलाफ जनआक्रोश खुलकर सामने आ गया है।

भारतीय किसान यूनियन भानू, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, व्यापार मंडल सहित करीब एक दर्जन सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने सीएमओ कार्यालय के सामने पुल के नीचे अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं है, लेकिन मरीजों को समय पर और उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

धरने पर बैठे लोगों का आरोप है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी अब उपचार केंद्र नहीं बल्कि रेफर सेंटर बनकर रह गई है। मामूली चोट, कटने-फटने या पेट दर्द जैसी सामान्य समस्याओं के मरीजों को भी तत्काल अलीगढ़, आगरा अथवा अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है।

इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण गंभीर परिणाम भी सामने आते हैं।

प्रदर्शनकारियों ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी बनाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की जवाबदेही तय करने तथा हाथरस में मेडिकल कॉलेज की स्थापना सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया है। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।

धरने में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते कई मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। हाल ही में एक वरिष्ठ पत्रकार की पत्नी की मौत का मामला भी लोगों के आक्रोश का प्रमुख कारण बना हुआ है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं और स्वास्थ्य विभाग की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन यज्ञ कर रहे हैं। वही सभी की निगाहें जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।