फर्रुखाबाद में रामनगरिया मेले का शुभारंभ, गंगा किनारे उमड़ा आस्था का सागर

उप्र के फर्रुखाबाद जनपद में गंगा नदी के पंचाल घाट पर श्री रामनगरिया मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ।

फर्रुखाबाद में रामनगरिया मेले का शुभारंभ, गंगा किनारे उमड़ा आस्था का सागर
Published By- Diwaker Mishra

फर्रुखाबाद से वरुण दुबे की रिपोर्ट

फर्रुखाबाद/जनमत न्यूज़। उप्र के फर्रुखाबाद जनपद में गंगा नदी के पंचाल घाट पर श्री रामनगरिया मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ मेले की शुरुआत की। मेले में देश-प्रदेश से हजारों साधु-संत और कल्पवासी गंगा किनारे कुटिया बनाकर एक माह तक रहेंगे और नियमित स्नान, पूजा-पाठ करेंगे।

मेले में धर्म, साधना, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाज़ों का संगम देखा जा रहा है। मेले के पहले ही दिन से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पंचाल घाट पर पहुंच रहे हैं। भक्ति, पूजा, जप-तप और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं।

 मेले में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उप्र द्वारा स्थापित प्रदर्शनी का शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने फीता खोलकर किया गया, प्रदर्शनी  में भी श्रद्धालुओं और आगंतुकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, स्वरोज़गार और कृषि योजनाओं के बारे में रुककर जानकारी ले रहे है।

कई परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ प्रदर्शनी का दौरा किया और  योजनाओं का लाभ समझा। इस तरह मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता का भी अच्छा समन्वय देखने को मिला।

जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि श्री रामनगरिया मेला इस बार भी बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हुआ है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सभी सुविधाओं और सुरक्षा के इंतज़ाम कर दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि मेले में सुरक्षा के लिए एक कोतवाली और 11 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। सात वॉच टावर पर आधुनिक यंत्र और शस्त्रों से लैस पुलिसकर्मी तैनात हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा दृष्टि से छावनी में तब्दील किया गया है।

भव्य स्वरूप में सजा मेला क्षेत्र

इस वर्ष मेला परिसर को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता गंगा तट, आकर्षक प्रवेश द्वार, भव्य मंच और सुसज्जित कल्पवास क्षेत्र मेले की भव्यता को और बढ़ा रहे हैं। रात्रि में गंगा तट का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और सौंदर्य का अद्भुत अनुभव प्रदान कर रहा है। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, लोकगीत, रामकथा, भजन-कीर्तन और विकास प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं।

कल्पवास का विशेष महत्व

मेला श्रीरामनगरिया में कल्पवास का विशेष धार्मिक महत्व है। दूर-दराज से आए साधु-संत और श्रद्धालु पूरे एक माह तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं। मान्यता है कि कल्पवास से आत्मशुद्धि होती है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

कल्पवासी गंगा स्नान, जप-तप, यज्ञ, दान और संयमित जीवन का पालन करते हैं। इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है।

मेले का ऐतिहासिक महत्व

रामनगरिया मेले का इतिहास वर्षों पुराना है। पांचाल क्षेत्र में गंगा तट पर लगने वाला यह मेला समय के साथ जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बन गया।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम

- मेला क्षेत्र में पुलिस बल व पीएसी की तैनाती

- सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

- फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की व्यवस्था

- खोया-पाया केंद्र की स्थापना

- महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था

- साफ-सफाई और पेयजल की पर्याप्त सुविधा है 

मेला सचिव/अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने बताया कि मेला श्रीरामनगरिया हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस बार मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। विकास प्रदर्शनी के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

इस वर्ष माघ मेला रामनगरिया की एक वेबसाइट बनाई गई है। इसके जरिए लोग मेले की जानकारी आसानी से ले सकते हैं। मेले में कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं,जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा आज किया गया है।

इस अवसर पर गंगा तट पर गंगा आरती का आयोजन बनारस से आये आचार्यो द्वारा की गई, आरती के उपरांत आये हुये श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया।