शाहजहांपुर से झकझोर देने वाली घटना, बेटी ने मां की मौत के लिए अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

उप्र के शाहजहांपुर जनपद से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया जहां एक बेटी ने अपनी मां की मौत के लिए सीधे तौर पर अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।

शाहजहांपुर से झकझोर देने वाली घटना, बेटी ने मां की मौत के लिए अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार
Published By- Diwaker Mishra

शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट

शाहजहांपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के शाहजहांपुर जनपद से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया जहां एक बेटी ने अपनी मां की मौत के लिए सीधे तौर पर अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिया। महानगर क्षेत्र के मोहल्ला गदियाना की रहने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्री प्रीति पिछले कई महीनो से आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रही थी।

परिजनों के अनुसार लगातार चार महीना से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी स्थिति बेहद खराब हो गई थी। बताया जा रहा है कि जब वेतन जारी करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) के पास पहुंचा गया तो मदद की वजाय उन्हें काथित तौर पर अपमानित कर भगा दिया गया।

काम का दवाव और बीमारी बनी  वजह

बेटी स्मिता शखवार के अनुसार उनकी मां पहले से ही बीमार थी। विभागीय कार्यों के साथ-साथ (BLO) ड्यूटी और अन्य जिम्मेदारियां का भारी दबाव था। अधिकारियों लगातार DM से शिकायत की मुझे धमकी दी जा रही थी। इसके चलते उनकी मां गहरे सदमे में और तनाव में चली गई। 

वीडियो में छलका दर्द

मां के शव को घर ले जाते समय बेटी ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिसमें वह बिलख-बिलख कर कहती नजर आ रही है।

मेरी मां की मौत के जिम्मेदार DPO और नगर निगम के अधिकारी दिलीप शुक्ला है। वीडियो में बेटी ने आरोप लगाया कि वेतन रोकना अपमानजनक व्यवहार और असहनीय काम का दबाव, इन सबने मिलकर उनकी मां की जान ले ली।

प्रशासन पर उठे बड़े सवाल

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है बल्कि यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है।

  • क्या कर्मचारियों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं?
  • क्या बीमार कर्मियों से जबरन काम लेना जायज है?
  • सबसे बड़ा सवाल क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?

सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में निपक्ष जांच और दोषियों पर सख्त सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह सिर्फ खबर नहीं सिस्टम के प्रति चेतावनी है।

अगर समय रहते ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो न जाने कितनी प्रीति इस लापरवाही का शिकार होती रहेगी। देखने वाली पार्टी है प्रशासन इस पर कारवाई कब तक करता है।