गंगा की लहरों ने छीना गरीब महिला का आशियाना, खुले आसमान के नीचे परिवार की जिंदगी, प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गंगा किनारे बसे परिवारों का तत्काल सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घर और जमीन कटान की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
संभल/जनमत न्यूज। गुन्नौर क्षेत्र के रानीगंज मजरा शाहजहानाबाद गांव में गंगा की तेज धारा ने एक गरीब परिवार का आशियाना छीन लिया। मंगलवार देर रात गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से भूदेवी पत्नी अमर सिंह का मकान भरभरा कर गिर गया। हादसे में परिवार तो बाल-बाल बच गया, लेकिन उनकी गृहस्थी पूरी तरह मलबे में दबकर नष्ट हो गई। अब महिला और उसका परिवार खुले आसमान के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर है।
भूदेवी ने बताया कि उसने वर्षों की मेहनत-मजदूरी करके यह छोटा सा घर बनाया था। लेकिन गंगा की लहरों ने उसका सपना उजाड़ दिया। बारिश और ठंडी हवाओं में परिवार की जिंदगी संकट में है। घर उजड़ने के बाद भूदेवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर प्राकृतिक आपदा राहत कोष या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता की मांग की है, ताकि वह अपने परिवार के लिए दोबारा एक छोटा सा आशियाना बना सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन से मांग की है कि गंगा किनारे बसे परिवारों का तत्काल सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घर और जमीन कटान की चपेट में आ जाते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोग हर पल गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से राहत व मदद की आस लगाए बैठे हैं।

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