विश्व प्रसिद्ध बाँके बिहारी मंदिर में शुरू हुआ होली का खुमार
वृन्दावन के विश्व प्रसिद्ध बाँके बिहारी मंदिर में बसंत-पंचमी के दिन से शुरू हुआ होली का खुमार अब अपने चरम पर पहुँचने को है। मंदिर प्रांगण में बसंत-पंचमी के दिन शुरू हुई होली में उड़े गुलाल की जगह अब "टेसू के फूलों से बने रंग" ने ले ली है,
मथुरा/जनमत। वृन्दावन के विश्व प्रसिद्ध बाँके बिहारी मंदिर में बसंत-पंचमी के दिन से शुरू हुआ होली का खुमार अब अपने चरम पर पहुँचने को है। मंदिर प्रांगण में बसंत-पंचमी के दिन शुरू हुई होली में उड़े गुलाल की जगह अब "टेसू के फूलों से बने रंग" ने ले ली है, और यहाँ जमकर इस प्राकृतिक रंग से होली खेली जा रही है। मंदिर प्रांगण में रंग डालने की शुरुआत होने के बाद अगले पाँच दिन तक रोज यहाँ टेसू के फूलों से बने रंग की होली खेली जाएगी। इस होली में मंदिर के सेवायत अधिकारी पहले बाँकेबिहारी को टेसू का रंग लगाते है, और उसके बाद पिचकारी में भरकर मंदिर प्रांगण में मौजूद भक्तों पर डालते है। भगवान बाँकेबिहारी के दरबार में टेसू के रंगों से होली खेलकर सभी को बड़ा आनंद आता है, और हर कोई प्रसाद के रूप में ये रंग अपने ऊपर डलवाना चाहता है। इस होली में शामिल होकर भक्त सिर्फ टेसू के रंगों में ही नहीं रंगता, बल्कि बाँकेबिहारी के रंग में रंग कर यही गाता है कि "आज बृज में होरी रे रसिया......
REPORTED BY - JAHID
PUBLISHED BY - MANOJ KUMAR

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